उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 'उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' (ULLAS) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया गया है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की ओर से जारी इस आधिकारिक पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरणों को अपने-अपने जनपदों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
पूर्व में जारी किए गए निर्देशों और पत्रों का संदर्भ लेते हुए उप निदेशक नीलम ने जनपदों की शिथिलता पर गंभीर चिंता और खेद व्यक्त किया है। पिछले आदेशों के बावजूद कई जनपदों द्वारा निर्धारित गतिविधियों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी निदेशालय को समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इस ढिलाई को शासन ने अत्यंत खेदजनक माना है और अब सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी जवाबदेही के साथ काम करने तथा तय समय सीमा के भीतर सभी प्रगति रिपोर्ट सौंपने की कड़ी चेतावनी दी है।
नियोजित कार्ययोजना और अनिवार्य गतिविधियाँ
इस अभियान को सफल बनाने के लिए निदेशालय ने एक सुव्यवस्थित और व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर विद्यालयों में नामित सर्वेयरों द्वारा आगामी 15 दिनों के भीतर एक सघन अभियान चलाया जाएगा। इस निर्धारित अवधि में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी असाक्षरों और स्वेच्छा से पढ़ाने वाले वालेंटियरों का शत-प्रतिशत सर्वे तथा चिन्हांकन करना अनिवार्य होगा। सर्वे के तुरंत बाद इन सभी चिन्हित व्यक्तियों का पूरा विवरण लक्ष्यों के सापेक्ष 'उल्लास पोर्टल' पर दर्ज किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में आंकड़ों की निगरानी की जा सके।
पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चिन्हित वालेंटियरों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे शैक्षणिक पद्धतियों से अवगत हो सकें। इसके पश्चात इन वालेंटियरों के माध्यम से असाक्षरों के लिए नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग का सहारा लिया जाएगा, जिसके तहत सभी जनपदों को अपनी साक्षरता गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो अनिवार्य रूप से निदेशालय की आधिकारिक ईमेल आईडी और निर्धारित व्हाट्सएप ग्रुप पर लगातार साझा करनी होंगी।
'उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' केवल एक विभागीय योजना नहीं है, बल्कि यह समाज के उस वंचित वर्ग को सम्मान और आत्मनिर्भरता देने का प्रयास है जो किन्हीं कारणों से प्रारंभिक शिक्षा से दूर रह गया। आज के इस डिजिटल और आधुनिक युग में 15 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों का साक्षर होना राज्य के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निदेशालय के इस कड़े रुख से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि क्रियान्वयन के स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब यह स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग का दायित्व है कि वे आपसी समन्वय से इस राष्ट्रीय अभियान को धरातल पर उतारें और उत्तर प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का सपना साकार करें।



