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देश के विकास और निर्माण में शिक्षकों का योगदान अमूल्य: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। शिक्षित भारत के सपने को साकार करने में देश के शिक्षकों की भूमिका सबसे ऊपर है। यह बात उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को प्रयागराज के जिला पंचायत सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान कही। वे संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ द्वारा आयोजित शैक्षिक संगोष्ठी एवं प्रांतीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर रहे थे।

​डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य: देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम

​इस अवसर पर डिप्टी सीएम ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों के कल्याण और प्रदेश के बुनियादी ढांचे में आए बदलावों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

​सरकार शिक्षकों की मांगों के प्रति संवेदनशील: उपमुख्यमंत्री

​अधिवेशन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि डबल इंजन की सरकार समाज के हर उस वर्ग के साथ खड़ी है जो राष्ट्र निर्माण में लगा है। उन्होंने कहा:

  • जायज मांगों को पूरा करने की प्रतिबद्धता: सरकार शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों की सभी जायज मांगों के प्रति पूरी तरह गंभीर है और इन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
  • स्वास्थ्य सुरक्षा: शिक्षकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें कैशलेस चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण सुविधा का लाभ दिया है।

​'ऑपरेशन कायाकल्प' से बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर

​केशव प्रसाद मौर्य ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति और वर्तमान माहौल की तुलना करते हुए कहा कि आज प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दशा में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।

​"ऑपरेशन कायाकल्प योजना के माध्यम से प्रदेश के विद्यालयों की स्थिति को पूरी तरह बदल दिया गया है। राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के तहत अब स्कूलों में आधुनिक शौचालय और बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया गया है, जिससे बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल रहा है।" - उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 

​पारदर्शिता और बिना भेदभाव के हो रहा विकास

​डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। आज शिक्षा, रोजगार और अन्य सभी क्षेत्रों में पूरी पारदर्शिता के साथ, बिना किसी भेदभाव के काम किया जा रहा है।

अधिवेशन की मुख्य बातें:

  • मंच पर मंथन: संगोष्ठी के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा विद्यालयों के आधुनिक विकास पर विस्तृत चर्चा हुई।
  • भारी उपस्थिति: कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों, बड़ी संख्या में शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों ने हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता दिखाई।
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