प्रयागराज/शिक्षा डेस्क: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ने उच्च शिक्षा और शोध (Research) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्थान ने अपनी PhD प्रवेश प्रक्रिया में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए 'रोलिंग एडमिशन सिस्टम' (Rolling Admission System) को लागू कर दिया है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य देश में रिसर्च कल्चर को बढ़ावा देना और प्रतिभाशाली छात्रों को बिना किसी समय की पाबंदी के शोध करने का अवसर देना है।
इस बड़े बदलाव के बाद अब अभ्यर्थियों को PhD में दाखिले के लिए साल में सिर्फ एक या दो बार खुलने वाली पारंपरिक 'एडमिशन विंडो' पर निर्भर नहीं रहना होगा। छात्र अपनी सुविधानुसार पूरे वर्ष कभी भी आवेदन फॉर्म भर सकेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लिया गया फैसला
संस्थान प्रशासन के अनुसार, यह क्रांतिकारी बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। IIIT का मानना है कि पहले कई बार ऐसा होता था कि प्रवेश परीक्षा या आवेदन की तारीख छूट जाने के कारण बेहतरीन छात्रों का पूरा एक साल बर्बाद हो जाता था। नई व्यवस्था से शिक्षा व्यवस्था में लचीलापन आएगा और देश-विदेश से अधिक से अधिक प्रतिभाशाली छात्र संस्थान के रिसर्च प्रोग्राम से जुड़ सकेंगे। यह नई एडमिशन पॉलिसी मौजूदा शैक्षणिक सत्र (2026) से ही पूरी तरह प्रभावी कर दी गई है।
साल में तीन बार तय होंगी 'कट-ऑफ' तारीखें
भले ही आवेदन पूरे साल खुले रहेंगे, लेकिन प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी और चयन के लिए संस्थान ने वर्ष 2026 के लिए तीन विशेष Cut-off Dates निर्धारित की हैं:
- 31 मार्च (प्रथम चक्र)
- 30 जून (द्वितीय चक्र)
- 30 नवंबर (तृतीय चक्र)
प्रत्येक कट-ऑफ तारीख तक जितने भी आवेदन संस्थान को प्राप्त होंगे, उन पर तुरंत विचार करते हुए अलग से सिलेक्शन प्रोसेस (चयन प्रक्रिया) शुरू कर दी जाएगी। संस्थान के मुताबिक, पहले चरण (31 मार्च कट-ऑफ) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। वहीं, दूसरे चरण (30 जून कट-ऑफ) के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के इंटरव्यू 14 और 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित हैं।
दो चरणों में होगी पूरी चयन प्रक्रिया
IIIT ने प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए इसे दो मुख्य चरणों में विभाजित किया है:
1. पहला चरण: कंप्यूटर-बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट (Screening Test)
शुरुआती चरण में अभ्यर्थियों को एक कंप्यूटर-आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट से गुजरना होगा। इस परीक्षा में मुख्य रूप से छात्र की सामान्य योग्यता (General Aptitude) और उनके संबंधित मुख्य विषय (Core Subject) से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह परीक्षा केवल 'स्क्रीनिंग' (शॉर्टलिस्टिंग) के उद्देश्य से होगी, इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ेंगे।
2. दूसरा चरण: व्यक्तिगत साक्षात्कार (Interview)
स्क्रीनिंग टेस्ट में क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम चयन के लिए इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा। विशेष बात यह है कि स्क्रीनिंग टेस्ट और इंटरव्यू दोनों ही IIIT कैंपस में भौतिक (Physical) रूप से आयोजित किए जाएंगे।
GATE, NET क्वालिफाइड और वर्किंग प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत
संस्थान ने देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं को पास करने वाले मेधावी छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए नियमों को काफी आसान बना दिया है:
- सीधे इंटरव्यू का मौका: जिन अभ्यर्थियों ने GATE, NET या अन्य राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं, उन्हें पहले चरण के स्क्रीनिंग टेस्ट से पूरी तरह छूट (Exemption) दी गई है। ये उम्मीदवार सीधे दूसरे चरण यानी इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं।
- वर्किंग प्रोफेशनल्स को भी छूट: कॉर्पोरेट या इंडस्ट्री में काम कर रहे ऐसे प्रोफेशनल्स जो शोध कार्य में रुचि रखते हैं, उन्हें भी स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं देना होगा। वे सीधे इंटरव्यू प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे।
कब से शुरू होंगी क्लासेस?
डीन (इन्नोवेशन एंड रिसर्च) डॉ. प्रमोद कुमार ने इस नई व्यवस्था की समय-सीमा स्पष्ट करते हुए बताया कि:
- जुलाई सत्र: मार्च और जून साइकिल (Cycle) के तहत चुने गए छात्रों की क्लासेस इसी वर्ष जुलाई से शुरू कर दी जाएंगी।
- जनवरी सत्र: जो अभ्यर्थी नवंबर साइकिल के तहत चुने जाएंगे, उनकी क्लासेस अगले वर्ष जनवरी से प्रारंभ होंगी।


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