उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में साल 2019 में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले शिक्षक दलीलुल्लाह चौधरी के परिवार को अयोध्या के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने बड़ी राहत प्रदान की है। अधिकरण के पीठासीन अधिकारी रविकांत तृतीय ने इस मामले में 99 लाख 21 हजार 504 रुपये का मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। इसके साथ ही, बीमा कंपनी को याचिका दाखिल होने की तिथि से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित यह राशि जमा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
नमाज पढ़ने जाते समय हुआ था हादसा
यह हादसा 14 मई 2019 की रात को टांडा के चिंतौरा खुर्द मार्ग पर घटित हुआ था। चिंतौरा मुबारकपुर के रहने वाले दलीलुल्लाह चौधरी होर्वट त्रिलोकनाथ इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत थे। हादसे वाली रात वह अपने बेटे अरहम अब्दुल्लाह के साथ स्कूटी पर तरावीह की नमाज अदा करने जा रहे थे। रास्ते में एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके कारण मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
बीमा कंपनी की दलील खारिज
हादसे के पश्चात मृतक की पत्नी दरखशां गुलची और उनके पुत्र ने मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत 1.81 करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे की मांग करते हुए अधिकरण में गुहार लगाई थी। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी तथा बाइक चालक ने इस दुर्घटना में बाइक की किसी भी भूमिका से साफ इनकार कर दिया था। लेकिन, अधिकरण ने पुलिस की जांच रिपोर्ट, दाखिल किए गए आरोप पत्र और मृतक के बेटे के बयान को संज्ञान में लेते हुए अंततः बाइक चालक को लापरवाही का पूर्ण रूप से दोषी माना।
वेतन और आयु के आधार पर तय हुआ मुआवजा
अधिकरण ने मृतक शिक्षक के 79,632 रुपये के मासिक वेतन, उनकी आयु और परिवार के आश्रितों की संख्या को मुख्य आधार मानते हुए मुआवजे की इस राशि का निर्धारण किया है। अधिकरण के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुआवजे की कुल राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा अगले पांच वर्षों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि शेष बची हुई 50 प्रतिशत राशि सीधे परिजनों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी।


