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आपदा अलर्ट पर 'ब्रेक': देश में मोबाइल पर बजने वाली इमरजेंसी ब्रॉडकास्ट सेवा अगले आदेश तक बंद

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली। प्राकृतिक आपदाओं जैसे भारी बारिश, बाढ़, तूफान या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को सतर्क करने वाली केंद्र सरकार की 'सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सेवा' (Cell Broadcast Alert Service) को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की सिफारिश के बाद सरकार ने आगामी आदेश तक इस सेवा को निलंबित करने का फैसला किया है।

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​इस अचानक रोक के बाद अब संकट के समय मोबाइल फोन पर तेज बीप के साथ आने वाले फ्लैश मैसेज दिखाई नहीं देंगे।

​NDMA की सलाह पर लिया गया फैसला

​अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सेवा को बंद करने का निर्णय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के परामर्श के बाद लिया गया है। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक इस सेवा को रोकने के ठोस और स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया गया है।

भीतर की बात: संबंधित विभागों के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस प्रणाली में कुछ तकनीकी सुधार और प्रक्रियात्मक समीक्षा (Technical and Procedural Review) की जा रही है। विभिन्न टेलीकॉम ऑपरेटरों और एजेंसियों के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने के लिए यह अस्थायी कदम उठाया गया हो सकता है।

​महज कुछ महीने पहले ही शुरू हुई थी व्यवस्था

​गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देश के नागरिकों को आपदाओं के प्रति समय रहते सचेत करने के लिए इसी साल मई माह में इस अत्याधुनिक प्रणाली को आधिकारिक तौर पर लागू किया था। इससे पहले देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में इसके सफल परीक्षण (Trial Runs) भी किए गए थे, जिसके दौरान लोगों के फोन पर तेज वाइब्रेशन और अलार्म के साथ टेस्ट मैसेज भेजे गए थे। इतनी जल्दी इस सेवा पर रोक लगने से तकनीकी गलियारों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

​क्या है सेल ब्रॉडकास्ट सेवा और यह कैसे काम करती है?

​सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जो बिना इंटरनेट के भी काम करती है। आपातकाल के समय यह पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क का उपयोग करके एक साथ लाखों स्मार्टफोन पर डेटा भेज सकती है।

​इसकी मुख्य विशेषताएं:

  • बिना इंटरनेट के काम: इस सेवा के लिए मोबाइल में डेटा पैक या वाई-फाई की जरूरत नहीं होती।
  • नेटवर्क जाम का असर नहीं: सामान्य दिनों में भारी ट्रैफिक के कारण कॉलिंग या एसएमएस ब्लॉक हो जाते हैं, लेकिन सेल ब्रॉडकास्ट नेटवर्क पर बिना किसी रुकावट के डिलीवर होता है।
  • लोकेशन आधारित अलर्ट: यदि किसी खास जिले या क्षेत्र में चक्रवात आने वाला है, तो यह प्रणाली केवल उसी क्षेत्र के मोबाइल टावरों से जुड़े फोन्स पर अलर्ट भेज सकती है।
  • तेज आवाज और वाइब्रेशन: यह अलर्ट मोबाइल के साइलेंट मोड पर होने के बावजूद एक विशेष तेज टोन और वाइब्रेशन के साथ स्क्रीन पर फ्लैश होता है, ताकि सो रहा व्यक्ति भी जाग जाए।

​फिलहाल दूरसंचार मंत्रालय और NDMA इस पूरी प्रणाली की बारीकियों को दुरुस्त करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि तकनीकी खामियों को दूर करने और सेवा को पूरी तरह त्रुटिहीन (Error-free) बनाने के बाद इसे नए अपडेटेड दिशा-निर्देशों के साथ दोबारा शुरू किया जाएगा। तब तक के लिए नागरिकों को आपदा संबंधी सूचनाओं के लिए पारंपरिक माध्यमों (रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया) पर निर्भर रहना होगा।