अयोध्या। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत अनुदेशकों ने एक बार फिर अपने हक की आवाज बुलंद की है। ‘प्रदेश परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन’ के तत्वावधान में रामनगरी अयोध्या में आयोजित दो दिवसीय प्रांतीय समागम के पहले दिन प्रदेश भर से जुटे हजारों अनुदेशकों ने एक सुर में नियमितीकरण (स्थायीकरण) की मांग उठाई। इस दौरान संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान और लंबे समय से लटके विभागीय मुद्दों पर भी गंभीर मंथन किया गया।
सुप्रीम कोर्ट से मिली जीत, पर 'नियमितीकरण' ही अंतिम लक्ष्य
समागम का भव्य शुभारंभ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह द्वारा किया गया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनुदेशकों को 17,000 रुपये मानदेय वृद्धि का अधिकार मिला है। कोर्ट के आदेशानुसार बढ़ी हुई राशि का बकाया भुगतान जल्द ही एरियर (Arrear) के रूप में अनुदेशकों को किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि मानदेय वृद्धि एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। अनुदेशक पिछले कई वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी लंबी सेवा और भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए अब सरकार को उन्हें तत्काल नियमित करना चाहिए। जब तक नियमितीकरण नहीं होगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने संगठन को और धार देने के लिए गांव-गांव, ब्लॉक-ब्लॉक तक व्यापक सदस्यता अभियान चलाकर अधिक से अधिक अनुदेशकों को जोड़ने का आह्वान किया।
संगठन के विस्तार और विभागीय पेंडिंग मुद्दों पर मंथन
समागम के दौरान न सिर्फ आंदोलन की रणनीति तय हुई, बल्कि संगठन की आंतरिक मजबूती और प्रशासनिक अड़चनों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी वकार अहमद और विनोद यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि पहले दिन के सत्र में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर गहन मंथन हुआ:
- संगठन की समीक्षा: प्रदेश कार्यकारिणी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और प्रत्येक जनपद में संगठन विस्तार की रूपरेखा तैयार की गई।
- मानदेय और नवीनीकरण: हर साल होने वाले अनुदेशकों के नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया को सरल करने और समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठी।
- विभागीय विसंगतियां: बेसिक शिक्षा विभाग के स्तर पर लंबित विभिन्न फाइलों और मांगों को लेकर नाराजगी जताई गई और सरकार से आर-पार की बात करने की रणनीति बनाई गई।
प्रांतीय समागम में उमड़ा दिग्गजों का हुजूम
इस दो दिवसीय समागम की अध्यक्षता अमिताभ वर्मा ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन जितेंद्र कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अयोध्या के जिलाध्यक्ष पुनीत यादव और महामंत्री अतुल वर्मा ने अहम भूमिका निभाई।
इस मौके पर रणधीर सिंह, शशांक शेखर तिवारी, रविन्द्र सिंह, शिव शर्मा, कुलदीप गौतम, अमित सिंह, महेंद्र यादव, नरेंद्र सिंह, बद्री विशाल और कुंवर विपिन सिंह सहित प्रदेश के कोने-कोने से आए सैकड़ों पदाधिकारी और हजारों अनुदेशक मौजूद रहे।
रविवार को होगा समापन:
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक, इस दो दिवसीय महामंथन का समापन रविवार को होगा, जिसमें आगामी आंदोलन की अंतिम रूपरेखा और सरकार को सौंपे जाने वाले मांग पत्र के मुख्य बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।


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