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शिक्षकों की नौकरी पर नहीं आएगा कोई संकट! जानिए सीएम योगी से मुलाकात के बाद क्या बोले MLC देवेंद्र प्रताप सिंह

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षकों के भविष्य पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादलों के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एमएलसी (MLC) देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद शिक्षकों को आश्वस्त किया है कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री जी से मुलाकात करते हुए एमएलसी (MLC) देवेंद्र प्रताप सिंह

​एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 1 सितंबर 2025 को प्राथमिक शिक्षकों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया था। एक पूर्व निर्णय के अनुसार, जो शिक्षक दो वर्ष के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं कर पाएंगे, उन्हें सेवा से बाहर कर दिया जाना था। इस फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने संवेदनशीलता दिखाते हुए पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दाखिल की थी। हालांकि, यह पुनर्विचार याचिका कोर्ट द्वारा खारिज हो गई, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों में अपने भविष्य को लेकर काफी चिंता और असमंजस का माहौल बन गया था।

​शिक्षकों के हितों और उनकी जीविका को ध्यान में रखते हुए एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह और अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्हें जमीनी हकीकत से अवगत कराया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री का रुख बेहद सकारात्मक और सहयोगात्मक रहा।

​मुलाकात के बाद देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री के बयान को साझा करते हुए कहा: ​"हमारे मुख्यमंत्री जी ने बहुत ही उदारतापूर्वक यह आश्वासन दिया है कि उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के पास अनुभव का एक बहुत बड़ा खजाना है। उनकी सेवाएं छात्रों को लगातार मिलती रही हैं और आगे भी मिलती रहेंगी। मुख्यमंत्री जी ने दृढ़तापूर्वक कहा है कि वह शिक्षकों की सेवा के सामने कोई भी कठिनाई खड़ी नहीं होने देंगे और उन्हें बचाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।"

​विभागीय TET और भारांक (Weightage) की मांग

​एमएलसी सिंह ने अपनी और शिक्षकों की तरफ से सरकार के सामने मुख्य मांगें रखी हैं, जिन पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा मिला है। इन मांगों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ​विभाग स्तर पर ही एक विशेष विभागीय TET परीक्षा का आयोजन कराया जाए, ताकि शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने का एक और व्यावहारिक अवसर मिले।
  • ​लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे अनुभवी शिक्षकों को इस प्रक्रिया में उचित भारांक (Weightage) दिया जाए।
  • ​इन दोनों सुधारात्मक कदमों के जरिए सभी शिक्षक साथियों को सेवा में बनाए रखने का एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी निर्णय सरकार द्वारा लिया जाए।

​शिक्षकों के पीछे ढाल बनकर खड़ी है सरकार

​शिक्षकों को संबोधित बंधाते हुए एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपील की है कि प्रदेश के सभी प्राथमिक शिक्षक साथी बिल्कुल भी चिंतित न हों। मुख्यमंत्री उनके पीछे एक मजबूत चट्टान और ढाल की तरह खड़े हैं और उन्होंने उनकी सेवा सुरक्षा की पूरी गारंटी दी है।

​उन्होंने मुख्यमंत्री की उदारता, शौर्य और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की सराहना करते हुए प्रदेश के सभी शिक्षकों की ओर से उनका आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। इस ऐतिहासिक आश्वासन के बाद उत्तर प्रदेश के हजारों प्राथमिक शिक्षकों और उनके परिवारों ने बड़ी राहत की सांस ली है।


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