लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में शैक्षिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत नवीन प्रवेश प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा नए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपर राज्य परियोजना निदेशक श्री प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह प्रवेश प्रक्रिया भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा निर्गत 'समग्र शिक्षा Implementation Framework' के अनुपालन में संचालित की जा रही है।
इस नए आदेश के तहत समाज के वंचित, आर्थिक रूप से कमजोर और स्कूल से बाहर रह गई बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए कड़े नियम व प्राथमिकताएं तय की गई हैं।
1. लक्षित आयु वर्ग और कक्षाएं
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रवेश के लिए निम्नलिखित मापदंड निर्धारित हैं:
- आयु सीमा: मुख्य रूप से 10 से 18 वर्ष की आयु वर्ग की बालिकाओं को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
- कक्षाएं: यह प्रवेश कक्षा VI से XII (कक्षा 6 से कक्षा 12) तक की शिक्षा के लिए प्रदान किया जाएगा।
2. सामाजिक व आर्थिक आधार पर 75% और 25% का आरक्षण फार्मूला
योजना की प्रकृति को पूरी तरह लक्षित (Targeted) बनाए रखने के लिए सीटों के आवंटन में कड़े आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है:
- 75 प्रतिशत सीटें (प्राथमिकता वर्ग): कुल उपलब्ध सीटों में से 75% सीटें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों (Minority Communities) की बालिकाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।
- 25 प्रतिशत सीटें (BPL वर्ग): उक्त श्रेणियों के बाद, शेष 25 प्रतिशत सीटों पर गरीबी रेखा से नीचे (BPL - Below the Poverty Line) जीवन यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं को प्रवेश दिया जाएगा।
3. 'आउट ऑफ स्कूल' (Drop-out) बालिकाओं पर विशेष ध्यान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे क्षेत्रों और परिवारों पर विशेष बल दिया जाए जहां बालिकाएं अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी नहीं कर पाई हैं:
- 10+ आयु वर्ग की ड्रॉप-आउट बालिकाएं: ऐसी बालिकाएं जो वर्तमान में स्कूल से बाहर (Out of School) हैं, उन्हें विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
- विषम परिस्थितियों वाले क्षेत्र: दुर्गम या कठिन क्षेत्रों (जैसे- प्रवासी आबादी, बिखरी हुई बस्तियां जहां प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं) में रहने वाली कम उम्र की बालिकाओं को भी नियमों के दायरे में लाकर लक्षित किया जा सकता है।
- किशोरियों को प्राथमिकता: उच्च प्राथमिक स्तर पर उन किशोरियों (Adolescent Girls) को प्राथमिकता दी जाएगी जो किन्हीं कारणों से नियमित रूप से औपचारिक स्कूलों में नहीं जा पा रही हैं।
4. माध्यमिक स्तर (कक्षा 9 से 12) के लिए विशेष Type-IV नियम
शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉकों (EBB - Educationally Backward Blocks) में उच्च कक्षाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:
- ऐसी बालिकाएं जो किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा IX से XII (9वीं से 12वीं) में अध्ययनरत हैं, वे Type-IV KGBVs में आवासीय सुविधा और शिक्षा का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी।
- इसके लिए संबंधित बालिका के पास उसके विद्यालय के प्रधानाचार्य (Head Master) द्वारा जारी किया गया एक वैध प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को कड़े निर्देश
अपर राज्य परियोजना निदेशक ने प्रदेश के सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस पत्र में दी गई गाइडलाइंस के अनुसार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पारदर्शी और नियमानुसार नवीन प्रवेश सुनिश्चित कराएं ताकि कोई भी पात्र बालिका इस आवासीय शिक्षा योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।



