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सावधान! मकान नंबर से छेड़छाड़ या गलत जानकारी देने पर भारी जुर्माना, हो सकती है 3 साल तक की जेल

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। देशभर में आगामी जनगणना 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में प्रशासन ने आम जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की हैं। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जनगणना के दौरान मकान नंबर के साथ छेड़छाड़ करना, जानबूझकर गलत जानकारी देना या तथ्यों को छिपाना भारी पड़ सकता है। ऐसा करना कानूनी तौर पर अपराध की श्रेणी में आएगा, जिसके लिए जुर्माने के साथ-साथ जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

Janaganna 2026 rules and fine

​अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) व जिला जनगणना अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मकानों के सूचीकरण और गणना के काम में सही व सटीक जानकारी देना देश के हर नागरिक की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति इस राष्ट्रीय कार्य में जानबूझकर बाधा डालता है या गलत आंकड़े पेश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​गलत जानकारी दी या तथ्य छिपाए, तो लगेगा जुर्माना

​जनगणना विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यदि कोई नागरिक पूछे गए सवालों का सही जवाब नहीं देता, भ्रामक आंकड़े बताता है या जानबूझकर सच छिपाने की कोशिश करता है, तो उस पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हर परिवार को मांगी गई सभी जानकारियां ईमानदारी से साझा करनी होंगी।

​इस बार जनगणना प्रक्रिया के तहत प्रगणक नागरिकों से लगभग 33 प्रश्न पूछेंगे। इन सवालों में मुख्य रूप से परिवार में सदस्यों की कुल संख्या, मकान की मौजूदा स्थिति, कमरों की संख्या, मकान बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं, तथा संपत्ति और वाहनों से जुड़े विवरण शामिल होंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी प्रश्नों के सटीक उत्तर देना अनिवार्य है।

​डेटा की गोपनीयता से खिलवाड़ पर 3 साल की जेल

​प्रशासन ने न सिर्फ जनता के लिए बल्कि जनगणना में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं। निर्देशों के अनुसार, जनगणना से जुड़े आंकड़ों या नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारियों को लीक करना या उन्हें सार्वजनिक करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है।

​यदि कोई जनगणना अधिकारी या कर्मचारी किसी नागरिक की निजी जानकारी लीक करता है, सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करता है, या जनगणना के काम में किसी भी तरह की बाधा खड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया है।

​प्रशासन की नागरिकों से अपील

​लेख के अंत में यह समझना जरूरी है कि जनगणना देश के विकास और भविष्य की योजनाओं को तैयार करने का मुख्य आधार होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए आगे आएं, घबराएं नहीं और अपने घर पहुंचने वाले प्रगणकों को बिल्कुल सही और सटीक विवरण उपलब्ध कराकर अपना सहयोग दें।