लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करीब 1.86 लाख बेसिक शिक्षकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के फैसले से प्रभावित शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहे संकट के बीच, अब राज्य सरकार उनके बचाव में आगे आती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद अब प्रभावित शिक्षकों के लिए एक विशेष विभागीय टीईटी परीक्षा (Departmental TET Exam) आयोजित करने की तैयारी चल रही है।
CM योगी से मुलाकात के बाद जागी नई उम्मीद
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद सोमवार को 'उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ' का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय मिश्र ने किया।
बैठक के बाद शिक्षक नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर बेहद सकारात्मक रुख अपनाया है, जिससे शिक्षकों में अपनी नौकरी को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
संकट टालने के लिए होगी 'विभागीय टीईटी परीक्षा'
शिक्षकों के सामने खड़े टीईटी संकट पर अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार और विभाग पूरी तरह से शिक्षकों के साथ हैं।
अपर मुख्य सचिव का बड़ा बयान:
"राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप विभाग पूरी तरह शिक्षकों के साथ खड़ा है। वर्तमान में घोषित टीईटी परीक्षाएं संपन्न होने के बाद, इस फैसले से प्रभावित शिक्षकों के लिए एक विशेष विभागीय टीईटी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, ताकि उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।"
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की कि राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में भी प्रभावित शिक्षकों का पक्ष बेहद मजबूती और संवेदनशीलता के साथ रखा था, जिसके लिए पूरा शिक्षक समाज मुख्यमंत्री का आभारी है।
बैठक में उठे अन्य महत्वपूर्ण और लंबित मुद्दे
इस उच्च स्तरीय बैठक में केवल टीईटी का मुद्दा ही नहीं, बल्कि शिक्षकों से जुड़े कई अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई:
- पुरानी पेंशन योजना (OPS): 1 अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित (advertised) पदों पर नियुक्त हुए शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की गई।
- अंतर्जनपदीय स्थानांतरण (Inter-District Transfers): शिक्षकों के एक जिले से दूसरे जिले में तबादले की प्रक्रिया को जल्द शुरू करने पर बात हुई।
- उपार्जित अवकाश (Earned Leave): वर्तमान में भीषण गर्मी और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को इसके बदले नियमानुसार उपार्जित/अर्जित अवकाश (EL) देने की मांग उठाई गई।
अन्य मांगों पर क्या रहा विभाग का रुख?
अपर मुख्य सचिव ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में जनगणना का काम कर रहे शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश दिए जाने के संबंध में आवश्यक और त्वरित कार्यवाही करने का पूरा भरोसा दिलाया है।
अनुभव और हितों का रखा जाएगा ध्यान
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी ने कहा कि सरकार शिक्षकों के सालों के अनुभव और उनके हितों को ध्यान में रखकर ही कोई बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है। सरकार और विभाग के इस सकारात्मक रुख से प्रदेश के 1.86 लाख शिक्षकों को बड़ी संजीवनी मिली है।


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