नई दिल्ली: लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की भारी चिंताओं और चौतरफा दबाव के बाद आखिरकार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बैकफुट पर आते हुए अपने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल में तकनीकी खामियों की बात स्वीकार कर ली है। शुरुआती दौर में इन दावों को सिरे से खारिज करने वाले बोर्ड ने अब माना है कि उसके सेवा प्रदाता के 'ऑनमार्क' पोर्टल में सुरक्षा संबंधी चूक हुई थी, जिसे अब दुरुस्त कर लिया गया है।
यह विवाद तब और गहरा गया था जब कक्षा 12वीं के दो छात्रों ने सीबीएसई के क्लाउड स्टोरेज मैनेजमेंट की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए। सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश के बीच सीबीएसई ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वे इस पोर्टल की गहन निगरानी कर रहे हैं और सुरक्षा प्रणालियों को अभेद्य बनाने के लिए सरकार के विभिन्न विभागों सहित आईआईटी (IIT) के शीर्ष साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मदद ली जा रही है।
एथिकल हैकर्स का माना आभार, जारी की 'हेल्पलाइन' ईमेल आईडी
दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में दावों को नकारने वाले सीबीएसई ने अब देश के एथिकल हैकर्स और सतर्क नागरिकों का आभार जताया है। बोर्ड ने कहा कि सुरक्षा संबंधी कमियों को उजागर करने वाले कई साइबर विशेषज्ञों से वे सीधे संपर्क में हैं। इसके साथ ही बोर्ड ने अपील की है कि यदि किसी के पास भी इस प्रणाली से जुड़ा कोई तकनीकी इनपुट या सुरक्षा संबंधी जानकारी है, तो वे सीधे secy-cbse@nic.in पर मेल कर सकते हैं।
सुरक्षा चूक से लेकर खराब स्कैनिंग तक: उठ रहे ये गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
- मास्टर पासवर्ड और नंबर बदलने का दावा: एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने दावा किया था कि उन्होंने 25-26 मई को ही इस तकनीकी चूक का पता लगाकर साइबर सुरक्षा एजेंसी 'सर्ट-इन' (CERT-In) को सूचित किया था। निसर्ग के मुताबिक, उन्हें पोर्टल का मास्टर पासवर्ड तक मिल गया था जिससे कॉपियों के नंबर बदले जा सकते थे। हालांकि, सीबीएसई का कहना है कि जिस पोर्टल में सेंधमारी का दावा किया जा रहा है, वह सिर्फ टेस्टिंग के लिए बनाई गई एक 'सैंपल साइट' थी।
- पेमेंट गेटवे में सेंध: पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए भुगतान करने के दौरान एचडीएफसी पेमेंट गेटवे में भी तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, जिससे लगभग 50 छात्र सीधे तौर पर प्रभावित हुए।
- स्कैनिंग की गुणवत्ता पर सवाल: छात्र सार्थक सिद्धांत ने सोशल मीडिया पर अपनी उत्तर पुस्तिकाएं साझा करते हुए पूछा कि क्या कॉपियों को सचमुच हाई-क्वालिटी स्कैनर से स्कैन किया गया है? कॉपियों में परछाईं और मुड़े हुए पन्ने दिखने पर छात्रों ने डिजिटल मूल्यांकन की पारदर्शिता को कटघरे में खड़ा किया है।
राहुल गांधी ने साधा निशाना: "सवाल पूछने पर छात्रों को मिला अपमान"
इस मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रभावित छात्रों के साथ बातचीत का एक वीडियो साझा करते हुए सरकार और बोर्ड के रवैये की तीखी आलोचना की। उन्होंने छात्रों को 'बहादुर युवा भारतीय' बताते हुए कहा कि जब इन छात्रों ने सीबीएसई विवाद पर सरकार से सीधे और सरल सवाल पूछे, तो समाधान देने के बजाय बदले में उन्हें केवल अपमानित किया गया।
फिलहाल, सीबीएसई और तकनीकी संस्थानों का दावा है कि बड़े खतरे को टाल दिया गया है, लेकिन देखना यह होगा कि आईआईटी के विशेषज्ञों की एंट्री के बाद छात्रों का खोया हुआ भरोसा बोर्ड कितनी जल्दी वापस जीत पाता है।


Social Plugin