बाराबंकी। जनपद बाराबंकी में शिक्षक समायोजन आदेश जारी होने के बाद से ही शिक्षकों के बीच प्रधानाध्यापकों (Headmasters) के समायोजन को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे थे। इस भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए 'उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, बाराबंकी' के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने विभागीय नियमावली और शासनादेश के आधार पर महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए हैं, जिससे अब यह साफ हो गया है कि किन प्रधानाध्यापकों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है और किन पर समायोजन की गाज गिर सकती है।
आइए जानते हैं कि नई समायोजन नीति के तहत क्या नियम तय किए गए हैं:
नियमित प्रधानाध्यापकों को मिली बड़ी राहत (नहीं होगा समायोजन)
नियमावली के अनुसार, विद्यालयों में नियमित रूप से पदस्थ प्रधानाध्यापकों (Regular Headmasters) को इस पूरी समायोजन प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
- छात्र संख्या कम होने पर भी सुरक्षा: यदि किसी विद्यालय में छात्र-शिक्षक अनुपात निर्धारित मानक से कम भी है, तो भी वहां कार्यरत नियमित प्रधानाध्यापक का समायोजन किसी अन्य विद्यालय में नहीं किया जाएगा।
प्रभारी प्रधानाध्यापकों (In-charge) के लिए नियम कड़े
नियमित प्रधानाध्यापकों के उलट, प्रभारी प्रधानाध्यापकों (In-charge Headmasters) को इस नीति में कोई विशेष छूट नहीं दी गई है।- यदि कोई विद्यालय समायोजन की श्रेणी में आता है और वहां का छात्र-शिक्षक अनुपात तय मानक से कम पाया जाता है, तो प्रभारी प्रधानाध्यापक का समायोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों (Junior High Schools) के लिए विशेष गाइडलाइन
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजन को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की गई है:- विषयवार शिक्षक और अनुपात: यदि किसी उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्र-शिक्षक अनुपात कम है और वहां किसी एक ही विषय के एक से अधिक अध्यापक कार्यरत हैं, तो अतिरिक्त शिक्षक का समायोजन किया जाएगा।
- यहाँ भी नियमित हेडमास्टर सुरक्षित: उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी यदि नियमित प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं, तो उनका समायोजन नहीं होगा। लेकिन यदि विद्यालय की कमान प्रभारी प्रधानाध्यापक के हाथ में है और स्कूल समायोजन की श्रेणी में आता है, तो उनका तबादला किया जा सकता है।
विद्यालयों में शिक्षकों की न्यूनतम संख्या तय
शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विभाग ने हर विद्यालय में शिक्षकों की न्यूनतम संख्या अनिवार्य कर दी है:- प्राथमिक विद्यालय (Primary School): प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम 02 अध्यापक अनिवार्य रूप से तैनात रहेंगे।
- उच्च प्राथमिक विद्यालय (Upper Primary): प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम 03 अध्यापक अनिवार्य रूप से कार्यरत रहेंगे।




Social Plugin