बाराबंकी, 05 जून 2026
मुख्य समाचार: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के समायोजन को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत आदेश जारी किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित नवीनतम आदेश के अनुपालन में अब सरप्लस (आवश्यकता से अधिक) शिक्षकों की सूची तैयार करने के बुनियादी नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया गया है। विभाग में पूर्व से चली आ रही 'लास्ट इन फर्स्ट आउट' (Last In First Out - LIFO) की नीति को बदलते हुए अब 'फर्स्ट इन फर्स्ट आउट' (First In First Out - FIFO) के सिद्धांत को अपनाने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है।
कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बाराबंकी द्वारा पत्र संख्या आशु०/समायोजन 2026/3014-20 /2026-27 (दिनांक 03 जून, 2026) के माध्यम से जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को यह आदेश जारी किया गया है। यह पूरी कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विशेष अपील संख्या-398/2026 (सौरभ कुमार सिंह व अन्य 6 बनाम उ०प्र० सरकार व अन्य) में दिनांक 22.05.2026 को पारित आदेश के अनुपालन में सुनिश्चित की जा रही है। इस निर्णय से जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों के शिक्षक संवर्ग और शिक्षक संगठनों में हलचल तेज हो गई है।
1. जनपदीय चयन समिति की बैठक और बड़ा फैसला
प्रकरण की संवेदनशीलता और कानूनी जटिलताओं को देखते हुए शासन के निर्देश दिनांक 14.11.2025 द्वारा गठित जनपदीय चयन समिति की एक विशेष बैठक दिनांक 02 जून, 2026 को आयोजित की गई थी। इस उच्चस्तरीय बैठक में माननीय उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का सूक्ष्मता से अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरप्लस शिक्षकों की वरिष्ठता सूची अब "विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि की वरिष्ठता" के आधार पर तय की जाएगी। इसके तहत पूर्व के नियमों के विपरीत अब जो शिक्षक विद्यालय में पहले आया है (First In), उसे समायोजन की प्रक्रिया के दायरे में पहले विचार (First Out) किया जाएगा।
2. छात्र संख्या और कार्यरत शिक्षकों के डेटा का होगा भौतिक सत्यापन
शासन के पूर्व पत्र दिनांक 04.05.2026 के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत दिनांक 30 अप्रैल, 2026 की छात्र उपस्थिति एवं संख्या स्थिति के अनुसार सभी परिषदीय विद्यालयों में वास्तविक छात्र संख्या और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के डेटा का खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्थलीय एवं भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
इस सत्यापन कार्य की पूरी जिम्मेदारी और प्रामाणिकता संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक/इंचार्ज प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षरों द्वारा तय की जाएगी। यदि कोई विद्यालय पूरी तरह शिक्षक विहीन है, तो वहां का डेटा सीधे संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की विसंगति या फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे।
3. नए दिशा-निर्देशों के मुख्य बिंदु:
प्रशासनिक आदेश के अनुसार सरप्लस और बंद स्कूलों की सूची तैयार करने के लिए निम्नलिखित 5 प्रमुख कड़े मानक तय किए गए हैं:
- नियम में पूर्ण बदलाव: दिनांक 22.05.2026 के अदालती आदेश के क्रम में "Last In First Out" की पुरानी अवधारणा पूर्णतः निरस्त कर दी गई है और अब केवल "First In First Out" नीति ही मान्य होगी।
- वरिष्ठता का आधार: सरप्लस शिक्षकों की वरिष्ठता सूची केवल विद्यालय में उनके वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने की तिथि (Date of Joining in the School) के आधार पर ही बनेगी।
- RTE मानकों के अनुरूप चिन्हांकन: शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के मानकों के अनुसार जिन विद्यालयों में स्वीकृत पदों से अपेक्षाकृत अधिक अध्यापक कार्यरत हैं, उनकी विषयवार (Subject-wise) सूची ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) द्वारा बनाई जाएगी।
- बंद और एकल विद्यालयों की ट्रैकिंग: जनपद में जो स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन हैं अथवा जहाँ केवल एक ही शिक्षक तैनात है, उनका विशेष रूप से चिन्हांकन कर अलग से सूची तैयार की जाएगी।
- न्यायालय के स्थगनादेश (Status Quo) का सम्मान: जिन शिक्षकों के समायोजन के मामलों में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्थगनादेश पारित है, उनके नाम के सम्मुख उनकी रिट याचिका संख्या और आदेश दिनांक अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा। साथ ही, कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए ठीक उसके नीचे वाले शिक्षक को सम्मिलित करते हुए सरप्लस सूची तैयार की जाएगी।
4. 08 जून तक डेटा उपलब्ध कराने की अंतिम समय सीमा (DeadLine)
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए समय सीमा अत्यंत संक्षिप्त और कड़ी रखी गई है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षकों की यह विषयवार सरप्लस सूची हार्ड कॉपी (हस्ताक्षरित प्रति) तथा सॉफ्ट कॉपी (एक्सेल फाइल) दोनों ही प्रारूपों में दिनांक 08 जून, 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।




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