लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान 'बाल श्रमिक विद्या योजना' (UP Bal Shramik Vidya Yojana 2026) का दायरा बढ़ाकर इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि अब तक यह योजना राज्य के केवल 20 जिलों में ही संचालित की जा रही थी।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी या किसी भी मजबूरी के कारण श्रमिक परिवार का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
8 से 18 वर्ष के कामकाजी बच्चों को मिलेगा स्कूल में दाखिला
वर्ष 2020 में शुरू की गई इस कल्याणकारी योजना के तहत 8 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के उन बच्चों को लक्षित किया जाता है, जो किसी न किसी रूप में बाल श्रम या कामकाजी गतिविधियों में शामिल हैं।
- आर्थिक सहायता और प्रवेश: योजना के अंतर्गत इन बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया जाता है और साथ ही उनकी पढ़ाई निरंतर जारी रखने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक मदद भी प्रदान की जाती है।
- विशेष अभियान: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बाल श्रम से प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए और बच्चों को स्कूल पहुंचाया जाए।
- कौशल विकास (Skill Development): निजी क्षेत्र (Private Sector) के सहयोग से इन बच्चों के हुनर को निखारने और उनके कौशल विकास के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी बल दिया गया है।
बड़े शहरों में बनेंगे 'श्रमिक सुविधा केंद्र'
बैठक में श्रमिकों के कल्याण और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के बड़े और औद्योगिक शहरों में 'श्रमिक सुविधा केंद्रों' का विकास किया जाए। सरकार की नीति स्पष्ट है कि उद्योगों के अनुकूल माहौल तैयार करने के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के बीच एक मजबूत संतुलन बनाया जाए।
'सेवामित्र पोर्टल' से मिल रहा रोजगार, नागरिकों को सुविधाएं
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 'सेवामित्र व्यवस्था' को रोजगार और जनसुविधा का एक बेहतरीन और आधुनिक मॉडल बताया। तकनीकी आधारित इस व्यवस्था से कुशल कामगारों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
वर्ष 2021 से चल रही इस व्यवस्था की वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- पंजीकृत कुशल कामगार: 54,747
- पंजीकृत सेवामित्र: 5,049
- सेवा प्रदाता: 1,097
आम नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल या कॉल सेंटर के जरिए घर बैठे विभिन्न प्रकार की घरेलू सेवाएं (जैसे- प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर आदि) प्राप्त कर सकते हैं, जिससे कुशल श्रमिकों को सीधे रोजगार मिलता है।
मुख्यमंत्री ने रोजगार मिशन को वैश्विक स्तर के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया है ताकि उत्तर प्रदेश के युवाओं को देश और दुनिया भर में बेहतर रोजगार के मौके मिल सकें।


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