नई दिल्ली, 29 मई 2026
देश भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे लाखों प्राथमिक शिक्षकों के लिए देश की सर्वोच्च अदालत से एक बेहद राहत भरी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) पास करने की समयसीमा (Deadline) को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है।
अदालत के नए आदेश के मुताबिक, अब इन शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक हर हाल में टेट परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इससे पहले कोर्ट ने इसके लिए 31 अगस्त 2027 तक का समय तय किया था। शुक्रवार को एक पुनर्विचार याचिका (Review Petition) पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति (जस्टिस) दीपांकर दत्ता ने मानवीय आधार पर डेडलाइन को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
देश में 30 लाख से अधिक शिक्षकों पर था संकट
शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने के लिए TET पास होना अनिवार्य है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में लगभग 30 लाख से भी अधिक ऐसे प्राथमिक शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्होंने अब तक यह परीक्षा पास नहीं की है।
इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि तय समय में परीक्षा पास न करने वालों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। लेकिन नए फैसले ने उन लाखों शिक्षकों को बड़ी संजीवनी दे दी है जो अब तक परीक्षा पास नहीं कर पाए थे।
सेवाकाल के आधार पर तय की गईं शर्तें: जानें किसे मिली राहत?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने नए आदेश में शिक्षकों के बचे हुए सेवाकाल (Service Period) के आधार पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
1. जिनकी नौकरी के 5 साल से कम बचे हैं (बड़ी छूट)
- परीक्षा से मुक्ति: जिन कार्यरत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति (Retirement) में 5 वर्ष या उससे कम का समय बचा है, उनके लिए टेट पास करना अनिवार्य नहीं होगा। वे बिना परीक्षा के भी अपनी नौकरी पूरी कर सकेंगे।
- प्रमोशन की शर्त: हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि यदि ये शिक्षक भविष्य में पदोन्नति (Promotion) या उच्च पद का लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें भी टेट पास करना होगा।
2. जिनकी नौकरी के 5 साल से अधिक बचे हैं (अनिवार्य)
- डेडलाइन: जिन शिक्षकों की नौकरी के अभी 5 साल से ज्यादा का समय बचा है, उनके लिए 31 अगस्त 2028 तक टेट पास करना पूरी तरह अनिवार्य है।
परीक्षा न देने या फेल होने पर क्या होगा?
शीर्ष अदालत ने राहत देने के साथ-साथ अपने आदेश में स्पष्ट चेतावनी भी जारी की है:
अंतिम चेतावनी: यदि कोई शिक्षक (जिसकी नौकरी 5 साल से अधिक बची है) साल 2028 की समयसीमा तक परीक्षा पास नहीं करता है या परीक्षा में बैठने से इनकार करता है, तो उसे अपनी नौकरी छोड़नी होगी।
मिलेगा रिटायरमेंट का लाभ:
राहत की बात यह है कि यदि किसी शिक्षक की नौकरी इस कारण से जाती भी है, तो भी उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले सभी सरकारी लाभ और सुविधाएं (Retirement Benefits) नियमानुसार प्रदान की जाएंगी।
इस फैसले से जहाँ एक तरफ लाखों शिक्षकों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल गया है, वहीं दूसरी तरफ कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



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