केन्द्र सरकार ने देश के करोड़ों नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए 'सार्थ-पीडीएस' (SARTHEK-PDS) के तहत मुफ्त राशन योजना की अवधि को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल के हालिया निर्णय (27-05-2026) के अनुसार, इस योजना का विलय करके अब इसे 31 मार्च 2031 तक संचालित किया जाएगा।
यह कदम देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा को लंबे समय तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
81 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस योजना के विस्तार से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले 81.35 करोड़ लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि देश के किसी भी कोने में रह रहे पात्र नागरिक को भोजन और पोषण से समझौता न करना पड़े।
योजना की मुख्य विशेषताएं और तकनीकी बदलाव
सरकार इस बार योजना को न केवल आगे बढ़ा रही है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी, आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए बड़े तकनीकी बदलाव भी कर रही है:
- वित्तीय सहायता की गारंटी: राज्य के भीतर अनाज के परिवहन, हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकानों (FPS) के डीलरों के मार्जिन के लिए सुनिश्चित वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- मजबूत और एकीकृत संरचना: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने के लिए एक एकीकृत (Integrated) एवं इंटरऑपरेबल PDS संरचना विकसित की जाएगी।
- आधुनिक तकनीकों का समावेश: PDS संचालन के आधुनिकीकरण के लिए एआई (AI), एमएल (ML), एनएलपी (NLP) और ब्लॉकचेन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग व शिकायत निवारण: राशन वितरण में गड़बड़ी को रोकने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग और एआई-आधारित त्वरित शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाएगी।


Social Plugin