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टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर: AY 2026-27 के लिए ITR-2 ऑनलाइन फाइलिंग शुरू, आयकर विभाग ने दी बड़ी राहत

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली। आयकर दाताओं (Taxpayers) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने असेसमेंट ईयर यानी आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ITR-2 (Income Tax Return-2) को ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। अब योग्य करदाता बिना किसी देरी के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर अपना रिटर्न ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

ITR-2 Online Filing Assessment Year 2026-27

​विभाग ने इस बार करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन मोड और एक्सेल यूटिलिटी (Excel Utility) दोनों को एक साथ लाइव कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि टैक्सपेयर्स अब सीधे पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं या फिर ऑफलाइन एक्सेल टूल डाउनलोड कर, डेटा भरकर उसे अपलोड कर सकते हैं।

​क्या है ITR-2 और किसे भरना होता है यह फॉर्म?

​आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, हर करदाता ITR-1 (सहज) नहीं भर सकता। ITR-2 एक विस्तृत फॉर्म है, जो विशेष रूप से उन व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है, जिनकी आय के स्रोत थोड़े विस्तृत होते हैं।

​ये लोग भर सकते हैं ITR-2:

  • पूंजीगत लाभ (Capital Gains): यदि आपको शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी या सोने (Gold) की बिक्री से मुनाफा (शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म) हुआ है।
  • एक से अधिक घर से आय: यदि आपके पास एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी है और उससे किराया या अन्य आय हो रही है।
  • विदेशी संपत्ति (Foreign Assets): यदि आपकी विदेशों में कोई संपत्ति है या वहां से कोई आय हुई है।
  • बड़ी सैलरी या पेंशन: ऐसे व्यक्तिगत करदाता जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है (क्योंकि 50 लाख से अधिक आय वाले ITR-1 नहीं भर सकते)।
  • लॉटरी या घुड़दौड़ से जीत: यदि आपकी आय का जरिया किसी सट्टे, लॉटरी या रेस से हुआ मुनाफा है।
  • कृषि आय (Agricultural Income): यदि आपकी कृषि से होने वाली आय 5,000 रुपये से अधिक है।
ध्यान दें: यदि आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं या आपने किसी अनलिस्टेड कंपनी के शेयर होल्ड किए हुए हैं, तो भी आपको ITR-2 ही चुनना होगा। हालांकि, यदि आपकी बिजनेस या प्रोफेशन से कोई व्यावसायिक आय है, तो आप यह फॉर्म नहीं भर सकते (उसके लिए ITR-3 या ITR-4 की आवश्यकता होती है)।

​ऑनलाइन सुविधा से क्या होगा फायदा?

​आयकर विभाग द्वारा ऑनलाइन फाइलिंग शुरू करने से करदाताओं को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
  • प्री-फिल्ड डेटा (Pre-filled Data): ऑनलाइन मोड में करदाताओं का अधिकांश विवरण (जैसे सैलरी, बैंक ब्याज, टीडीएस और टैक्स डिडक्शन) पहले से ही भरा हुआ मिलता है। इससे गलती होने की गुंजाइश बेहद कम हो जाती है।
  • समय की बचत: आखिरी तारीख (आमतौर पर 31 जुलाई) के नजदीक आने पर सर्वर पर लोड बढ़ जाता है। शुरुआत में ही फाइलिंग शुरू होने से टैक्सपेयर्स बिना किसी हड़बड़ी के शांति से अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
  • तेजी से रिफंड: जो करदाता समय पर और जल्दी आईटीआर फाइल करते हैं, उनका डेटा जल्दी प्रोसेस होता है और उनका टैक्स रिफंड भी बैंक खातों में तेजी से क्रेडिट हो जाता है।

​कैसे करें ITR-2 ऑनलाइन फाइल?

​यदि आप खुद अपना ITR-2 फाइल करना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट incometax.gov.in पर लॉग इन करें।
  2. 'e-File' सेक्शन चुनें: लॉग इन करने के बाद 'e-File' > 'Income Tax Return' > 'File Income Tax Return' पर क्लिक करें।
  3. वर्ष का चयन करें: असेसमेंट ईयर (Assessment Year) में 2026-27 का चयन करें और फाइलिंग मोड में 'Online' को चुनें।
  4. स्टेटस और फॉर्म चुनें: अपना स्टेटस (Individual/HUF) चुनें और फिर ड्रॉपडाउन से ITR-2 सिलेक्ट करें।
  5. डेटा वेरीफाई करें: आपके सामने आ रहे प्री-फिल्ड डेटा (AIS, TIS और Form 26AS से मैच करते हुए) को ध्यान से चेक करें, कैपिटल गेन का विवरण डालें और अंत में टैक्स कैलकुलेट कर रिटर्न को e-Verify कर दें।

​टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह

​जानकारों का कहना है कि ITR-2 भरते समय करदाताओं को अपने AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS का मिलान अच्छी तरह से कर लेना चाहिए। चूंकि इसमें कैपिटल गेन का विवरण होता है, इसलिए शेयर ब्रोकर द्वारा दिए गए 'कैपिटल गेन स्टेटमेंट' को पास रखकर ही फॉर्म भरना शुरू करें ताकि किसी भी प्रकार के मिसमैच से बचा जा सके।