प्रतापगढ़। जनगणना 2026 के राष्ट्रीय कार्य में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कुंडा तहसील के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक के खिलाफ उप जिलाधिकारी (एसडीएम) कुंडा द्वारा निलंबन और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कुंडा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
मामला विकास खंड कुंडा के प्राथमिक विद्यालय ऊँचागाँव का है, जहाँ तैनात सहायक अध्यापक श्री आलोक मिश्रा को जनगणना 2026 के तहत ग्राम कुशाहिल बाजार में प्रगणक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक द्वारा जनगणना का कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा था और उच्चाधिकारियों द्वारा दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किए जाने पर उनके द्वारा फोन भी नहीं उठाया गया। गौरतलब है कि आगामी जनगणना के सुचारू संचालन के लिए 25 मई 2026 तक शत-प्रतिशत एचएलबी (HLB) एक्टिवेट किया जाना अनिवार्य था, लेकिन निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी शिक्षक द्वारा इस दिशा में कोई रुचि नहीं दिखाई गई।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि उक्त शिक्षक का पुराना रिकॉर्ड भी ठीक नहीं रहा है और इससे पहले निर्वाचन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य में भी उनके द्वारा इसी तरह की गंभीर लापरवाही बरती गई थी। एसडीएम कुंडा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों के कारण ही न केवल तहसील बल्कि पूरे प्रतापगढ़ जनपद की रैंकिंग जनगणना कार्य में खराब हो रही है। शिक्षक का यह कृत्य 'कर्मचारी आचरण नियमावली' तथा 'जनगणना अधिनियम 1948' की वैधानिक व्यवस्थाओं के सर्वथा विपरीत है।
इस गंभीर अनुशासनहीनता को देखते हुए उप जिलाधिकारी कुंडा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), प्रतापगढ़ को पत्र भेजकर सहायक अध्यापक आलोक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने की संस्तुति की है। इस सख्त कदम से ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अन्य कर्मियों में हड़कंप मच गया है।


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