नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की भुगतान प्रणाली को और अधिक सुरक्षित, तेज और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री ने इस सिलसिले में देश के चार प्रमुख सरकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बोर्ड से जुड़े विभिन्न भुगतानों के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों को पूरी तरह से समाप्त करना है।
बैठक में शामिल हुए देश के बड़े सरकारी बैंक
डिजिटल ट्रांजैक्शन को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में देश के चार बड़े बैंकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया:
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB)
- केनरा बैंक (Canara Bank)
- इंडियन बैंक (Indian Bank)
पुनर्मूल्यांकन और स्क्रूटनी की प्रक्रिया होगी आसान
अक्सर देखा जाता है कि रिजल्ट के बाद पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) या उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी (Photocopy of Answer Sheets) के लिए आवेदन करते समय छात्रों को ऑनलाइन पेमेंट फेल होने या सर्वर डाउन होने जैसी तकनीकी समस्याओं से जूझना पड़ता है।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा:
"सीबीएसई की भुगतान प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और त्वरित (फास्ट) बनाया जा रहा है। अब छात्रों को री-इवैल्युएशन या अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की छायाप्रति प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या ट्रांजैक्शन फेलियर का सामना नहीं करना पड़ेगा।"
छात्र-अनुकूल (Student-Friendly) तकनीक पर जोर
सरकार का ध्यान एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने पर है जो न सिर्फ सुरक्षित हो, बल्कि बेहद सरल भी हो। बैंकों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने पेमेंट गेटवे को सीबीएसई के पोर्टल के साथ इस तरह इंटीग्रेट करें कि पीक ऑवर्स (जब एक साथ लाखों छात्र अप्लाई करते हैं) में भी वेबसाइट सुचारू रूप से काम कर सके।
इस पहल से देश भर के लाखों सीबीएसई छात्रों को सीधे तौर पर फायदा होगा और उनकी डिजिटल भुगतान से जुड़ी चिंताएं दूर होंगी।


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