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8वां वेतन आयोग: क्या सरकारी कर्मचारियों का DA मूल वेतन में मर्ज होगा? जानिए केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की नई मांग

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का गठन एक बड़ी राहत लेकर आया है। सरकार ने आयोग को कर्मचारियों के मूल वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों में संशोधन की सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट जून-जुलाई 2027 तक सौंपेगा।

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​लेकिन इस लंबी प्रतीक्षा अवधि के बीच, केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने सरकार के सामने एक नई और बड़ी मांग रख दी है। कर्मचारियों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना, वर्तमान महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन (Basic Pay) में मिला दिया जाए (Merger of DA into Basic Pay)

​क्यों उठ रही है DA मर्जर को 'अंतरिम राहत' बनाने की मांग?

​कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई, ईंधन की आसमान छूती कीमतों और रोजमर्रा के घरेलू खर्चों के कारण कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। चूंकि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी लगभग डेढ़ साल का समय बाकी है, इसलिए सरकार को इस बीच कर्मचारियों को 'अंतरिम राहत' (Interim Relief) देनी चाहिए।

​यूनियनों का कहना है कि यदि सरकार वर्तमान महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज कर देती है, तो कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी (Net Salary) में तुरंत सम्मानजनक बढ़ोतरी होगी, जो इस संक्रमण काल में एक मजबूत वित्तीय सहारा बनेगी।

​सरकार और कर्मचारी दोनों के लिए फायदेमंद: 'एरियर' का फॉर्मूला

​इस मांग के पीछे कर्मचारी संघों ने एक ऐसा फॉर्मूला पेश किया है, जिससे न केवल कर्मचारियों का भला होगा, बल्कि सरकार पर भी अचानक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, यह कदम सरकार के लिए भी एक 'विन-विन सिचुएशन' (फायदे का सौदा) साबित हो सकता है। उनके सुझाव के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • एरियर (बकाया) के भारी बोझ से मुक्ति: आमतौर पर जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तो सरकार को कर्मचारियों को एकमुश्त (Lump-sum) भारी-भरकम एरियर देना पड़ता है, जिससे सरकारी खजाने पर अचानक भारी दबाव आता है। यदि DA को अभी मूल वेतन में मिला दिया जाए, तो भविष्य में दिए जाने वाले एरियर की राशि काफी कम हो जाएगी।
  • आंशिक वेतन वृद्धि (Partial Hike): सरकार भविष्य में लागू होने वाले 'फिटमेंट फैक्टर' को ध्यान में रखते हुए, अभी डीए मर्जर के जरिए कर्मचारियों को आंशिक वेतन वृद्धि दे सकती है। इसके बाद, वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने पर बाकी बची हुई बढ़ोतरी को लागू किया जा सकता है।

​अन्य भत्तों (HRA और TA) पर क्या होगा असर?

​मूल वेतन में महंगाई भत्ते के विलय का सीधा असर कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य भत्तों पर भी पड़ेगा। जब बेसिक पे (Basic Pay) बढ़ती है, तो उसी के अनुपात में मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (Transport Allowance - TA) भी बढ़ जाते हैं। कर्मचारी संघों का मानना है कि इस समायोजन (Adjustment) से कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) बढ़ेगी, जिससे अंततः अर्थव्यवस्था को ही गति मिलेगी।

​फिलहाल, 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें सरकार के रुख पर टिकी हैं। यदि सरकार कर्मचारी संगठनों के इस 'अंतरिम राहत' वाले फॉर्मूले को स्वीकार कर लेती है, तो यह 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले कर्मचारियों के लिए एक बड़ा सरप्राइज गिफ्ट होगा। अब देखना यह है कि वित्त मंत्रालय इस वित्तीय गणित और कर्मचारियों की इस मांग पर क्या फैसला लेता है।