प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने प्रदेश में होने वाली शिक्षक भर्तियों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग कार्यालय में एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम (Integrated Command Control Room) का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार द्वारा किया गया।
परीक्षाओं की सुचिता के लिए 'डिजिटल पहरा'
आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस नए कंट्रोल रूम का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है। इस हाई-टेक सिस्टम के जरिए आयोग मुख्यालय से ही प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर सीधी नजर रखी जा सकेगी।
कंट्रोल रूम की मुख्य विशेषताएं:
- AI कैमरों से निगरानी: परीक्षा केंद्रों के हर कमरे में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे अभ्यर्थियों की गतिविधियों को ट्रैक करेंगे और किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत अलर्ट जारी करेंगे।
- बायोमेट्रिक सत्यापन का सीधा प्रसारण: अभ्यर्थियों की उपस्थिति और बायोमेट्रिक सत्यापन (Fingerprint/Facial Recognition) का डेटा सीधे कमांड सेंटर को प्राप्त होगा। इससे 'सॉल्वर गैंग' और फर्जी अभ्यर्थियों पर लगाम लगेगी।
- त्वरित कार्रवाई: यदि किसी केंद्र पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो कंट्रोल रूम से तुरंत सतर्क किया जाएगा और प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
- आस-पास की गतिविधियों पर नियंत्रण: केवल परीक्षा हॉल ही नहीं, बल्कि केंद्र के आस-पास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर भी इस सेंटर के माध्यम से नजर रखी जाएगी।
उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे दिग्गज
उद्घाटन के इस अवसर पर कार्यदायी संस्था के प्रबंध निदेशक के साथ-साथ आयोग के माननीय सदस्यगण, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव संजय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।


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