DA पर सस्पेंस बरकरार: केंद्रीय कर्मचारियों को फिर इंतजार, सरकार के अन्य बड़े फैसले हुए मंजूर
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) हर साल एक महत्वपूर्ण मुद्दा होता है, लेकिन इस बार अप्रैल का दूसरा सप्ताह बीतने के बावजूद भी DA बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। Narendra Modi की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन इस बार भी DA पर कोई फैसला नहीं लिया गया।
DA बढ़ोतरी में देरी से बढ़ी चिंता
आमतौर पर सरकार हर साल मार्च में जनवरी से जून तक के लिए DA का ऐलान कर देती है। लेकिन इस बार लगातार देरी होने से कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58% DA मिल रहा है, और अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें 2% से 3% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो DA बढ़कर 60% या 61% तक पहुंच सकता है।
हालांकि, आधिकारिक घोषणा न होने से कर्मचारियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले
DA पर निर्णय टलने के बावजूद सरकार ने कई बड़े विकासात्मक फैसलों को मंजूरी दी है:
1. जलविद्युत परियोजनाओं को हरी झंडी
- अरुणाचल प्रदेश में दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी
- कुल निवेश: 40,000 करोड़ रुपये से अधिक
- कमला परियोजना (1720 मेगावाट): लगभग 26,000 करोड़ रुपये
- कलाई-2 परियोजना (1200 मेगावाट): लगभग 14,000 करोड़ रुपये
इन परियोजनाओं से बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
2. किसानों के लिए राहत पैकेज
- खरीफ सत्र 2026 के लिए 41,500 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी
- फॉस्फेटिक और पोटाश (P&K) उर्वरकों पर लागू
- नई दरों में नाइट्रोजन, फॉस्फेट और सल्फर पर बढ़ोतरी
इस फैसले से किसानों को खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
3. जयपुर मेट्रो फेज-2 को मंजूरी
- अनुमानित लागत: 13,000 करोड़ रुपये से अधिक
- शहर के यातायात को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
अब अगली बैठक पर टिकी निगाहें
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे अहम मुद्दा—DA—एक बार फिर टल गया है। इससे कर्मचारियों में निराशा जरूर है, लेकिन उम्मीद अभी भी बनी हुई है कि अगली कैबिनेट बैठक में इस पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।
निष्कर्ष
सरकार विकास और किसानों से जुड़े कई अहम फैसले ले रही है, लेकिन DA पर देरी ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर अगली कैबिनेट बैठक पर है, जहां इस लंबे इंतजार का अंत हो सकता है।


