उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने पहले चरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जनगणना का कार्य पूरी तरह डिजिटल और सटीक तरीके से किया जा सके।
16 अप्रैल से शुरू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
सरकारी निर्देशों के अनुसार, 16 अप्रैल से 7 मई के बीच कर्मचारियों और अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना से जुड़े सभी कार्यों को बिना किसी त्रुटि के पूरा करना है।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि फील्ड में किसी प्रकार की समस्या न आए।
7 मई से आम लोगों के लिए खुलेगा पोर्टल
जनगणना प्रक्रिया को इस बार डिजिटल बनाया जा रहा है। इसके तहत 7 मई से 21 मई तक आम नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) पोर्टल उपलब्ध रहेगा।
इस पोर्टल के जरिए लोग स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी।
डिजिटल डेटाबेस तैयार करने पर जोर
सरकार ने निर्देश दिया है कि 10 अप्रैल तक प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का सत्यापित डिजिटल डेटाबेस तैयार कर लिया जाए।
इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की भी योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्व-गणना में भाग लें।
शहरी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि शहरी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गणना पूरी तरह सटीक हो।
इसके लिए अलग रणनीति बनाई जा रही है, ताकि किसी भी व्यक्ति का डेटा छूट न जाए।
22 मई से शुरू होगा हाउस लिस्टिंग कार्य
जनगणना 2027 के तहत 22 मई से हाउस लिस्टिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।
इस चरण में घरों और परिवारों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, जो आगे की प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
जनगणना को जनअभियान बनाने की तैयारी
अधिकारियों का मानना है कि जनगणना के आंकड़े देश और राज्य के विकास की दिशा तय करते हैं। इसलिए इसे एक जनअभियान के रूप में चलाने की योजना है।
इसके लिए नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।


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