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उत्तर प्रदेश वित्त एवं लेखा सेवा में बड़ा फेरबदल: 58 अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी सूची

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश शासन के वित्त (सेवायें) अनुभाग-2 द्वारा राज्य की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा गतिशील बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा जारी नवीनतम कार्यालय-आदेश (संख्या-एस-2-1/493/दस-2026) के अनुसार, उ0प्र0 वित्त एवं लेखा सेवा के समूह 'क' के कुल 58 वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर नवीन तैनातियां प्रदान की गई हैं।

UP Finance and Accounts Service transfer list

​सचिव संदीप कौर के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में न केवल बड़े पैमाने पर कार्यक्षेत्र बदले गए हैं, बल्कि अधिकारियों और उनके नियंत्रक प्राधिकारियों को समयबद्ध अनुपालन के सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।

​मुख्य प्रशासनिक नियुक्तियां और बदलाव

​इस व्यापक तबादला सूची में कई महत्वपूर्ण विकास प्राधिकरणों, विश्वविद्यालयों, निदेशालयों और चिकित्सा संस्थानों के वित्तीय प्रभारियों को बदला गया है:

  • शीर्ष स्तरीय बदलाव: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक श्री अशोक कुमार बाजपेयी को अब निदेशक, आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय (उ0प्र0 लखनऊ) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है। वहीं, इस पद पर पहले से कार्यरत श्रीमती साधना श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश शासन से सम्बद्ध कर दिया गया है।

  • विकास प्राधिकरणों में फेरबदल: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वित्त नियंत्रक श्री दीपक सिंह को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय में भेजा गया है। उनकी जगह अब श्री अनिल कुमार सिंह (तत्कालीन वित्त नियंत्रक, टेक्नोलॉजी मिशन उद्यान निदेशालय) एलडीए के नए वित्त नियंत्रक होंगे।

  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा में नई तैनाती: सूडा, लखनऊ के वित्त नियंत्रक श्री संजीव गुप्ता को नोएडा विकास प्राधिकरण का नया वित्त नियंत्रक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, श्री अशोक कुमार सिंह को राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ग्रेटर नोएडा का वित्त नियंत्रक बनाया गया है, जिन्हें गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

​प्रशासनिक आवश्यकतानुसार पदों का अपग्रेडेशन और डाउनग्रेडेशन

​शासन ने कार्यकुशलता और अधिकारियों के पे-मैट्रिक्स के संतुलन को ध्यान में रखते हुए कई पदों को अस्थायी रूप से अपग्रेड या डाउनग्रेड किया है:

  • पदों का अपग्रेडेशन: सुहेल देव राज्य विश्वविद्यालय (आजमगढ़) में श्री शैलेश गिरि की तैनाती तक उक्त पद को ग्रेड पे-10,000 में अपग्रेड किया गया है। इसी प्रकार, उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद् (लखनऊ) में श्री शिवेन्द्र कुमार मिश्र की तैनाती तक इस पद को भी ग्रेड पे-10,000 में अपग्रेड किया गया है।

  • पदों का डाउनग्रेडेशन: शासन ने कई पदों (जैसे वाराणसी विकास प्राधिकरण में श्री आत्म प्रकाश वाजपेयी और सूडा लखनऊ में श्री रजनीकान्त वर्मा की तैनाती) को संबंधित अधिकारियों की वरिष्ठता के अनुरूप अस्थायी रूप से ग्रेड पे-7600 और ग्रेड पे-6600 में डाउनग्रेड किया है।

​विश्वविद्यालय एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में विशेष ध्यान

​राज्य सरकार ने चिकित्सा महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे हैं। कानपुर विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक श्री अशोक कुमार त्रिपाठी को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के वित्त अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा, फिरोजाबाद, शाहजहाँपुर और अमेठी के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी नए वित्तीय प्रबंधकों की नियुक्तियां की गई हैं।

​एक सप्ताह में कार्यभार ग्रहण करने का 'कड़ा संदेश'

​शासन ने स्थानांतरण नीति के अनुपालन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है:

  1. बिना रिलीवर के ज्वाइनिंग: सभी स्थानांतरित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर अपने प्रतिस्थानी (रिलीवर) की प्रतीक्षा किए बिना अनिवार्य रूप से नवीन पद पर कार्यभार ग्रहण करें और इसकी सूचना शासन तथा निदेशक कोषागार को दें।

  1. अनुशासनहीनता पर कार्रवाई: स्थानांतरण नीति के बिंदु 11(i) के तहत, यदि कोई नियंत्रक अधिकारी अपने अधीनस्थ स्थानांतरित अधिकारी को तत्काल कार्यमुक्त नहीं करता है, तो इसे शासन के आदेशों की अवहेलना और 'अनुशासनहीनता' माना जाएगा। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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