लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी को जारी मसौदा मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के कारणयुक्त आदेश के बिना नहीं हटाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां या विसंगतियां सामने आई हैं, उन्हें पहले नोटिस देकर सुनवाई का पूरा अवसर दिया जा रहा है।
अब तक 3.06 करोड़ लोगों को भेजी गई नोटिस
सीईओ के अनुसार कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजी जानी है, जिनमें से 3.06 करोड़ लोगों तक नोटिस पहुंच चुकी है।
इनमें से 2.80 करोड़ लोगों की सुनवाई पूरी कर ली गई है और उन्हें मतदाता सूची में बने रहने की अनुमति दे दी गई है। शेष मामलों की सुनवाई 27 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।
10 अप्रैल को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
वर्तमान में उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। सभी आपत्तियों और दावों के निस्तारण के बाद 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
कई मामलों में मिली विसंगतियां
जांच के दौरान पाया गया कि 1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे हैं। वहीं 2.22 करोड़ मतदाताओं के मामलों में तार्किक विसंगतियां सामने आई हैं। इन सभी मामलों की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
प्रदेश भर में 5,621 स्थानों पर सुनवाई
मतदाताओं की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 5,621 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है। जिन मामलों में मैपिंग नहीं हो पा रही है, वहां लोगों के घर के नजदीक ही सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं।
यदि कोई मतदाता स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता तो उसके परिवार का सदस्य या रिश्तेदार आवश्यक दस्तावेज लेकर सुनवाई में शामिल हो सकता है।
बीएलओ घर-घर जाकर कर रहे सत्यापन
तार्किक विसंगति वाले मामलों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर बीएलओ ऐप के माध्यम से सत्यापन कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनी रहे।
बड़ी संख्या में नए मतदाता भी जुड़े
27 अक्टूबर से 6 मार्च तक 86.69 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरकर मतदाता बनने के लिए आवेदन किया है। इनमें 43.62 लाख महिलाएं, 43.06 लाख पुरुष और 386 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इसके अलावा 4540 प्रवासी भारतीयों ने भी फॉर्म-6A के माध्यम से मतदाता बनने के लिए आवेदन किया है।
नाम हटाने के भी आए आवेदन
मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए अब तक 3.18 लाख फॉर्म-7 भरे गए हैं। इनमें से 44,952 नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। इनमें 10,014 नाम स्थानांतरण के कारण हटाए गए जबकि 7,820 नाम शिकायत के आधार पर हटाए गए हैं।
प्रदेश में मतदाता सूची को सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए यह पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी है, जिससे प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अवसर मिल सके।


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