UP के आंगनबाड़ी केंद्र बन रहे ‘स्मार्ट लर्निंग हब’, स्मार्ट टीवी से बदलेगी नौनिहालों की पढ़ाई
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बच्चों की शुरुआती शिक्षा को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को अब स्मार्ट टीवी से लैस किया जा रहा है, ताकि छोटे बच्चे खेल-खेल में डिजिटल माध्यम से पढ़ाई की शुरुआत कर सकें। इस पहल से आंगनबाड़ी केंद्रों का स्वरूप धीरे-धीरे पारंपरिक व्यवस्था से निकलकर स्मार्ट लर्निंग हब में बदल रहा है।
16 हजार से अधिक केंद्रों में लगाए गए स्मार्ट टीवी
सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश के 16,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में स्मार्ट टीवी लगाए जा चुके हैं। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों को डिजिटल कंटेंट दिखाया जा रहा है, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और रुचि दोनों बढ़ें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा संसाधनों का लाभ मिल सके।
बच्चों को मिलेगा डिजिटल लर्निंग अनुभव
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी इकाई पर करीब 25,000 रुपये तक का निवेश किया जा रहा है। स्मार्ट टीवी के जरिए बच्चों को अक्षर, गिनती, रंग और आकृतियां समझाने के लिए विशेष डिजिटल सामग्री तैयार की गई है। इससे बच्चे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि एक रोचक गतिविधि के रूप में अपनाने लगते हैं।
एनिमेशन और कहानियों के जरिए सीखेंगे बच्चे
स्मार्ट टीवी पर चलने वाली शैक्षिक सामग्री को खास तौर पर छोटे बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें
- एनिमेशन और कार्टून के माध्यम से अक्षर और गिनती सिखाई जा रही है।
- कहानियों और पहेलियों के जरिए बच्चों की तार्किक क्षमता विकसित की जा रही है।
- रंगों और आकृतियों की पहचान खेल-खेल में कराई जा रही है।
इस तरह बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा भी मिल रही है।
विजुअल लर्निंग से बढ़ेगा मानसिक विकास
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग यानी देखकर सीखना काफी प्रभावी होता है। जब बच्चे चित्रों, एनिमेशन और वीडियो के माध्यम से पढ़ते हैं तो वे चीजों को जल्दी समझते और लंबे समय तक याद रखते हैं।
आंगनबाड़ी की बदल रही तस्वीर
स्मार्ट टीवी की सुविधा मिलने के बाद कई आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति और उत्साह दोनों बढ़े हैं। इससे न केवल बच्चों को बेहतर शुरुआती शिक्षा मिल रही है, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों की छवि भी आधुनिक शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रही है।
सरकार की यह पहल प्रदेश की प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


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