नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए साल 2026 की शुरुआत बड़ी खुशखबरी के साथ होने की संभावना प्रबल दिख रही है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सरकार के गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बार चर्चा का विषय केवल फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, बल्कि वह नया 'कंजम्प्शन यूनिट' मॉडल है, जो सैलरी और पेंशन के पूरे गणित को बदलने की ताकत रखता है।
क्या है '5 यूनिट' का फॉर्मूला?
7वें वेतन आयोग तक कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी तय करने के लिए 3 कंजम्प्शन यूनिट (पति-पत्नी और दो बच्चे) को आधार माना जाता था। लेकिन अब कर्मचारी संगठनों ने पुरजोर मांग उठाई है कि इस दायरे को बढ़ाकर 5 यूनिट किया जाए।
इसका कारण: इस नई गणना में कर्मचारी के आश्रित माता-पिता को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।
"सैलरी पर गणितीय प्रभाव: अगर सरकार 3 यूनिट के बजाय 5 यूनिट के मॉडल को स्वीकार करती है, तो गणना का आधार सीधे 1.66 गुना बढ़ जाएगा। तकनीकी रूप से इसका अर्थ है कि बेसिक सैलरी में 66% तक का भारी उछाल देखने को मिल सकता है।"
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश)फिटमेंट फैक्टर और सैलरी मैट्रिक्स
सैलरी निर्धारण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होती है। वर्तमान में यह 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 3.25 या उससे अधिक करने की मांग की जा रही है।
- न्यूनतम वेतन: यदि 5 यूनिट फॉर्मूला लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक पे उम्मीद से कहीं अधिक ऊंचे स्तर पर फिक्स होगी।
- पेंशनर्स को लाभ: नई सैलरी मैट्रिक्स के ऊपर खिसकते ही पेंशनभोगियों की आय में भी जबरदस्त इजाफा होगा, क्योंकि पेंशन सीधे तौर पर अंतिम बेसिक सैलरी से जुड़ी होती है।
इन 3 बड़ी मांगों पर सरकार ले सकती है फैसला
NC-JCM और विभिन्न कर्मचारी संगठन साझा ज्ञापन तैयार कर रहे हैं, जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं पर सबसे अधिक जोर दिया गया है:
- OPS की बहाली: पुरानी पेंशन योजना को लेकर देशव्यापी मांग के बीच, सरकार 8वें वेतन आयोग में इसके किसी बीच के रास्ते या सुधार पर विचार कर सकती है।
- वार्षिक इंक्रीमेंट: सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) की वर्तमान दर को बढ़ाने का प्रस्ताव।
- महंगाई का सटीक आकलन: बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर में सम्मानजनक वृद्धि।
कब तक आएगा फैसला?
हालांकि अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है, लेकिन 'फैमिली यूनिट' की नई परिभाषा ने कर्मचारियों के बीच उत्साह भर दिया है। यदि आयोग इन मांगों को हरी झंडी देता है, तो यह आजादी के बाद से अब तक का सबसे बड़ा वेतन सुधार साबित हो सकता है।
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