नई दिल्ली। आधार से जुड़े नियमों में बड़ा सुधार लाने की दिशा में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। प्राधिकरण जल्द ही ऐसा नियम लाने वाला है, जिसके बाद होटल, इवेंट आयोजक और अन्य संस्थाएँ आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेकर उसे सुरक्षित नहीं रख सकेंगी।
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया कि किसी भी संस्थान द्वारा आधार की फोटो लेकर रखना कानून का उल्लंघन है, क्योंकि इससे नागरिकों की निजी जानकारी के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है। नए नियम इसी जोखिम को खत्म करने के लिए बनाए जा रहे हैं।
🔹 ऑफलाइन सत्यापन के लिए अब पंजीकरण अनिवार्य
UIDAI जल्द ही अधिसूचना जारी करेगा, जिसके तहत:
- आधार का ऑफलाइन सत्यापन करने वाली सभी संस्थाओं—जैसे होटल, इवेंट मैनेजर, सेवा प्रदाता—को पंजीकरण कराना होगा।
- पंजीकरण के बाद उन्हें एक नई तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें केवल QR कोड स्कैन या UIDAI के नए आधार ऐप के माध्यम से ही पहचान सत्यापन किया जा सकेगा।
इससे कागज़ पर आधार कॉपी लेने की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
🔹 डिजिटल डेटा संरक्षण कानून के अनुरूप नई प्रणाली
नया प्रावधान डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जो अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू होगा। UIDAI का कहना है कि नई व्यवस्था से नागरिकों की गोपनीयता और अधिक सुरक्षित होगी, साथ ही सत्यापन प्रक्रिया भी सुगम बनेगी।
🔹 एक ऐप में कई सदस्यों को जोड़ने की सुविधा
नए आधार ऐप में कई उपयोगी फीचर शामिल होंगे:
- पता संबंधित दस्तावेज़ों का डिजिटल अपडेट
- एक ही ऐप में परिवार के ऐसे सदस्य जोड़ना, जिनके पास मोबाइल फोन नहीं है
- सरल और तेज़ पहचान सत्यापन
यह सुविधा बुजुर्गों, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
🔹 ऐप-टू-ऐप आधार सत्यापन का परीक्षण शुरू
UIDAI एक नया मोबाइल ऐप भी विकसित कर रहा है, जिसमें:
- हर बार आधार के केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ने की आवश्यकता नहीं होगी
- ऐप-टू-ऐप सत्यापन तुरंत हो सकेगा
यह तकनीक एयरपोर्ट, शराब की दुकानों, लॉजिंग पॉइंट और उन सभी स्थानों पर कारगर होगी, जहाँ उम्र या पहचान की पुष्टि जरूरी होती है।
🔹 सर्वर समस्या से मिलेगी राहत
UIDAI ने बताया कि वर्तमान में कई बार ऑनलाइन आधार सत्यापन में सर्वर डाउन होने से बाधाएँ आती हैं, जिससे होटल और आयोजकों को परेशानी होती है।
नई व्यवस्था में उन्हें एक विशेष डिजिटल लिंक मिलेगा, जिसके माध्यम से वे अपने ही सिस्टम पर तेज़ और सुरक्षित ढंग से आधार सत्यापन कर सकेंगे। इससे अवरोध लगभग समाप्त हो जाएंगे।
🔚 UIDAI का लक्ष्य: आधार को बनाना और अधिक सुरक्षित एवं सरल
प्राधिकरण को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपयोगकर्ताओं का अनुभव काफी बेहतर होगा और देश में आधार का उपयोग सुरक्षित, तेज़ और कागज़ रहित बन जाएगा।


