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चार साल बाद यूपी-टीईटी को लेकर जगी उम्मीद, नए आयोग के सामने बड़ी चुनौती

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) को लेकर अभ्यर्थियों और सेवारत शिक्षकों में एक बार फिर उम्मीद जगी है। पिछले चार वर्षों से यूपी-टीईटी का आयोजन नहीं हो पाया है, जिससे लाखों अभ्यर्थी असमंजस की स्थिति में हैं। अब सरकार ने टीईटी कराने की जिम्मेदारी नवगठित आयोग को सौंप दी है, जिसके सामने जल्द से जल्द परीक्षा आयोजित करना बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

गौरतलब है कि टीईटी-2021 का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा को निरस्त करना पड़ा था और फिर 21 जनवरी 2022 को दोबारा परीक्षा कराई गई थी। इसके बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से आयोजित इस परीक्षा का परिणाम 8 अप्रैल 2022 को घोषित किया गया था। तभी से नई टीईटी परीक्षा का इंतजार किया जा रहा है।


UP TET


सरकार ने अब शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी नए आयोग को सौंप दी है। आयोग की ओर से 29 और 30 जनवरी को टीईटी कराने की तिथियां प्रस्तावित की गई थीं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इतने कम समय में परीक्षा का आयोजन संभव नहीं माना जा रहा है।

इस बीच सुप्रीम कोर्ट के परिषदीय शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने संबंधी आदेश के बाद टीईटी की जरूरत और बढ़ गई है। बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जो वर्षों से टीईटी का इंतजार कर रहे हैं और परीक्षा न होने के कारण उनकी सेवाओं और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

शिक्षा जगत की नजरें अब नए आयोग पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आयोग जल्द ही स्पष्ट कार्यक्रम घोषित कर पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से यूपी-टीईटी का आयोजन कराएगा, जिससे अभ्यर्थियों और शिक्षकों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके।

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