प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन स्तर से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश के बाद प्रदेश के भर्ती आयोगों ने लंबित भर्तियों के परिणाम जारी करने के साथ-साथ नई भर्तियों के विज्ञापन निकालने की कवायद तेज कर दी है। अगले छह माह में करीब 60 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से विभिन्न परीक्षाओं, परिणामों और नई भर्ती प्रक्रियाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग में हजारों पदों पर भर्ती
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से वर्ष 2022 की टीजीटी-पीजीटी भर्ती के 4,163 पदों और असिस्टेंट प्रोफेसर के 917 पदों समेत करीब पांच हजार पदों पर चयन परिणाम जारी किए जा चुके हैं।
इसके अलावा टीजीटी-पीजीटी के 21,252 पदों और असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 2,000 पदों के अधियाचन पर भी भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रधानाध्यापक के 2,643 पदों पर भर्ती का विज्ञापन सितंबर में जारी होने की उम्मीद है। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद के नगर क्षेत्र में करीब 11 हजार पदों के अधियाचन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अल्पसंख्यक संस्थानों में भी करीब 1,700 पदों के अधियाचन की प्रक्रिया चल रही है।
यूपीपीएससी से इन भर्तियों के परिणाम की तैयारी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ओर से भी कई महत्वपूर्ण भर्तियों के परिणाम जारी करने की तैयारी है। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड प्रशिक्षित स्नातक सहायक अध्यापक के 4,917 पदों का परिणाम सितंबर में जारी किए जाने की तैयारी है।
वहीं पीसीएस-2025 के करीब 814 पदों का परिणाम अक्टूबर में और राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,253 पदों का परिणाम दिसंबर तक आने की उम्मीद जताई जा रही है।
अगले छह माह में हजारों नई भर्तियों के अवसर
भर्ती आयोगों की ओर से अगले छह माह में करीब 12 से 15 हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की संभावना है। दूसरी ओर शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से करीब 42 हजार पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी किए जाने की तैयारी है।
इस तरह विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने से बड़ी संख्या में युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खुल सकते हैं।
अधियाचन की कमियां दूर करने पर जोर
नई भर्तियों के विज्ञापन जारी करने से पहले संबंधित विभागों की ओर से भेजे गए अधियाचन में मौजूद कमियों को दूर किया जा रहा है। आयोगों का फोकस लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने के साथ नई भर्तियों को समय से शुरू करने पर है।
यदि निर्धारित प्रक्रिया समय पर आगे बढ़ती है तो आने वाले छह महीनों में प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।



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