लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से समग्र शिक्षा एवं पीएम श्री योजना के अंतर्गत SNA-SPARSH प्रणाली के माध्यम से विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के खातों में धनराशि के अंतरण और भुगतान की नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी कर दिया हैं। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश भी भेजे गए हैं।
क्या है नया आदेश?
शासन के अनुसार, SNA-SPARSH प्रणाली के नए मॉड्यूल के प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय की विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में नया बचत खाता खोला जाएगा। इसी खाते के माध्यम से योजनाओं की धनराशि का भुगतान किया जाएगा।
नए निर्देशों की मुख्य बातें
- SNA-SPARSH प्रणाली के माध्यम से SMC खातों में धनराशि का अंतरण किया जाएगा।
- प्रत्येक SMC के नाम से राष्ट्रीयकृत बैंक में नया बचत खाता खोला जाएगा।
- SMC खाते का संचालन अध्यक्ष एवं सदस्य-सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।
- जिला परियोजना कार्यालय (DPO) स्तर से खातों का पंजीकरण कर धनराशि हस्तांतरित की जाएगी।
- सभी वित्तीय अभिलेख, भुगतान रजिस्टर एवं बैंक रिकॉर्ड नियमित रूप से सुरक्षित रखे जाएंगे।
- प्रत्येक माह बैंक मिलान (Bank Reconciliation) कराया जाएगा।
- BSA, DIOS, BEO एवं अन्य अधिकारी वित्तीय अभिलेखों का नियमित निरीक्षण करेंगे।
- SMC की मासिक प्रगति रिपोर्ट PRABANDH पोर्टल पर प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच अपलोड की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य SNA-SPARSH प्रणाली के माध्यम से विद्यालय स्तर पर वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और जवाबदेह बनाना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।




