लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी तेज हो गई है। इस भर्ती में करीब 28 साल बाद सहायक अध्यापकों यानी प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) को भी प्रधानाचार्य पद के लिए मौका देने की तैयारी है। इसके साथ ही निजी विद्यालयों के शिक्षकों को भी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती में अवसर देने का प्रस्ताव है।
शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने भर्ती नियमावली में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। नियमावली में संशोधन के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय ने इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1475 और हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 1172 रिक्त पदों की सूचना चयन आयोग को भेजी है। इस तरह कुल 2647 पदों पर भर्ती की तैयारी है। भर्ती शुरू करने से पहले चयन आयोग ने भी शासन से नियमावली में आवश्यक संशोधन का अनुरोध किया है।
प्रस्ताव के अनुसार इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद के लिए प्रवक्ता और हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक के साथ प्रशिक्षित स्नातक यानी टीजीटी को भी पात्र बनाने की तैयारी है। वर्ष 1998 तक टीजीटी प्रधानाचार्य भर्ती के लिए पात्र थे, लेकिन माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की नियमावली में संशोधन के बाद उन्हें इस भर्ती से बाहर कर दिया गया था। अब करीब 28 साल बाद उन्हें फिर से अवसर देने का प्रस्ताव है।
वहीं हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक पद की भर्ती में टीजीटी और जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक के अलावा प्रवक्ताओं को भी पात्र बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा पहली बार निजी विद्यालयों के शिक्षकों को भी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती में शामिल करने की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि अब तक इन पदों की भर्ती में मुख्य रूप से सहायता प्राप्त और राजकीय विद्यालयों के शिक्षक ही पात्र होते थे। सहायता प्राप्त कॉलेजों में वर्ष 2013 के बाद से प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक पदों पर भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में प्रस्तावित भर्ती लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
आगामी भर्ती में अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किए जाने की तैयारी है। हालांकि टीजीटी और निजी स्कूलों के शिक्षकों की पात्रता सहित भर्ती की अंतिम शर्तें नियमावली में संशोधन के बाद ही स्पष्ट होंगी।


