उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में सरकारी स्कूल के बच्चों से कथित तौर पर प्रदर्शन कराने का मामला सामने आया है। घटना गुगरापुर ब्लॉक के एक कंपोजिट विद्यालय की बताई जा रही है। बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिस्किट का लालच देकर प्रदर्शन में शामिल किया गया। बच्चों से स्कूल की व्यवस्थाओं और प्रधानाध्यापक को लेकर नारेबाजी भी कराई गई। जांच में बच्चों को धमकाकर प्रदर्शन के लिए मजबूर किए जाने की बात भी सामने आने का दावा किया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों की ओर से अब पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चों को प्रदर्शन के लिए किसने और किस उद्देश्य से तैयार किया।
इस मामले पर समाज कल्याण मंत्री एवं स्थानीय विधायक असीम अरुण ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में कमी होने पर आवाज उठाना उचित है, लेकिन छोटे बच्चों को किसी विवाद या प्रदर्शन में मोहरा बनाना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने बच्चों का इस्तेमाल कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश की।
फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे और बच्चों को प्रदर्शन के लिए किस तरह तैयार किया गया था।


