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हाईकाेर्ट आदेश के बाद 10 जुलाई तक सरप्लस और शिक्षक कमी वाले विद्यालयों का पूरा ब्योरा तलब

Sir Ji Ki Pathshala

शिक्षक समायोजन प्रक्रिया तेज, 10 जुलाई तक मांगा गया जिलों से पूरा डेटा

​उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रदेश भर के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के 'सरप्लस' (Surplus) और 'शॉर्टेज' (Shortage) की स्थिति का सटीक डेटा तैयार करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। यह कदम विशेष अपील संख्या-398/2026, सौरभ कुमार सिंह व 06 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य के मामले में माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के मद्देनजर उठाया गया है।

यूपी शिक्षक समायोजन 2026: हाईकोर्ट के आदेश के बाद 10 जुलाई तक जिलों से मांगा गया पूरा डेटा

​न्यायालय ने इस मामले में राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह शिक्षकों के समायोजन (redeployment) की प्रक्रिया को सुनिश्चित करे, ताकि प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती अनिवार्य रूप से हो सके। न्यायालय ने डेटा की विशालता को देखते हुए इसे तीन स्पष्ट भागों में विभाजित करने का निर्देश दिया है। इसमें पहली श्रेणी उन विद्यालयों की है जहां कोई सरप्लस शिक्षक नहीं है, दूसरी श्रेणी उन विद्यालयों की है जहां सरप्लस शिक्षक मौजूद हैं जिनका पुनर्नियोजन किया जाना है, और तीसरी श्रेणी में उन 16,986 विद्यालयों को रखा गया है जहां शिक्षकों की कमी है और वहां सरप्लस शिक्षकों को भेजा जाना आवश्यक है।

​इस डेटा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय ने इसे आधिकारिक वेबसाइट https://intradistricttransfer.upsdc.gov.in/ पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया है। इस सूची में जिले और ब्लॉक का नाम, विद्यालय का नाम, आरटीई (RTE) एक्ट के तहत स्वीकृत पदों की संख्या, वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों का विवरण और उनकी जॉइनिंग तिथि, 30 अप्रैल 2026 को विद्यालयों में छात्रों की वास्तविक संख्या, आरटीई-पीटीआर के अनुसार शिक्षकों की आवश्यकता और सरप्लस शिक्षकों का विवरण जैसे महत्वपूर्ण कॉलम शामिल किए जाने अनिवार्य हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों के मामले में, शिक्षकों की सूची के साथ-साथ उनके विषय का विवरण भी देना अनिवार्य है।

शासन ने विद्यालयों की स्थिति के अनुसार कुल 8 अलग-अलग प्रारूप निर्धारित किए हैं। इनमें शामिल हैं—

    • सरप्लस शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालय
    • सरप्लस शिक्षक वाले उच्च प्राथमिक विद्यालय
    • गैर-सरप्लस प्राथमिक विद्यालय
    • गैर-सरप्लस उच्च प्राथमिक विद्यालय
    • एकल एवं बंद प्राथमिक विद्यालय
    • एकल एवं बंद उच्च प्राथमिक विद्यालय
    • RTE-PTR के अनुसार शिक्षक कमी वाले प्राथमिक विद्यालय
    • RTE-PTR के अनुसार शिक्षक कमी वाले उच्च प्राथमिक विद्यालय

​प्रशासनिक स्तर पर इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को 13 जुलाई 2026 तक माननीय न्यायालय के समक्ष शपथ-पत्र के माध्यम से यह सूचना उपलब्ध करानी है। वहीं, शासन ने समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित डेटा निर्धारित प्रारूपों में 10 जुलाई 2026 को सायं 4:00 बजे तक ईमेल (basiceducation005@gmail.com) पर अनिवार्य रूप से भेज दिया जाए। सरप्लस शिक्षकों की सूची और अन्य संबंधित आपत्तियों को दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 जुलाई 2026 तय की गई है।

​इस महत्वपूर्ण कार्य की निगरानी के लिए अपर मुख्य सचिव, पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में 9 जुलाई 2026 को एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों को पूर्ण तैयारी और अद्यतन सूचनाओं के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। इस कवायद का उद्देश्य प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करना और शिक्षकों की उपलब्धता को समानुपातिक बनाना है। 

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