उत्तर प्रदेश: राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए 'ऑरेंज अलर्ट' (नारंगी चेतावनी) को देखते हुए जिला प्रशासनों ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों की सुरक्षा और जलभराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर और मुरादाबाद जिलों में 10 जुलाई 2026 को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। आइए जानते हैं कि आपके जिले में किस कक्षा तक के स्कूल बंद रहेंगे:
जानिए आपके जिले में क्या हैं आदेश:
- गाजियाबाद (कक्षा 1 से 12वीं तक बंद): जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजियाबाद द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में लगातार हो रही बारिश और 10 जुलाई को तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए कक्षा 01 से कक्षा 12 तक के समस्त परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य सभी बोर्डों से संबद्ध स्कूलों में पूर्ण अवकाश रहेगा।
- मेरठ (कक्षा 1 से 12वीं तक बंद): मेरठ जिले में भी पिछले तीन दिनों से अनवरत बरसात हो रही है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर कक्षा 01 से कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 10 जुलाई को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
- बुलंदशहर (नर्सरी से 12वीं तक बंद): बुलंदशहर के जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी किया है कि अत्यधिक वर्षा की चेतावनी को देखते हुए छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों में 10 जुलाई को छुट्टी रहेगी।
- मुरादाबाद (कक्षा 1 से 8वीं तक बंद): जिलाधिकारी मुरादाबाद (डॉ. राजेन्द्र पैंसिया) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा अत्यधिक वर्षा की चेतावनी मिलने के बाद जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के सभी बोर्डों के कक्षा 08 तक के समस्त परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 10 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया है।
लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर होगी सख्त कार्रवाई
सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों और जिलाधिकारियों ने अपने आदेशों में साफ कर दिया है कि इन निर्देशों का शत-प्रतिशत (100%) कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई भी विद्यालय (चाहे वह किसी भी बोर्ड का हो) इस आदेश का उल्लंघन कर खुला पाया जाता है, तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य के खिलाफ नियमों के तहत कठोर वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल इसकी सूचना अभिभावकों और शिक्षकों तक पहुंचाएं ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।






