लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मध्याह्न भोजन प्राधिकरण (PM POSHAN), उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के सभी जिलों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत रसोइयों के चयन को लेकर नया निर्देश जारी किया है। 10 जुलाई 2026 को जारी इस पत्र में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देशित किया गया है कि विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुसार रसोइयों का चयन निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए तथा 15 दिनों के भीतर पूरी कार्रवाई कर प्राधिकरण को अवगत कराया जाए।
यह निर्देश वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जारी किया गया है। पत्र के अनुसार प्रदेश में 3,53,536 रसोइयों की संख्या भारत सरकार द्वारा अनुमोदित की गई है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि रसोइयों की नियुक्ति पूर्व से लागू शासनादेश दिनांक 24 अप्रैल 2010 के अनुसार ही की जाएगी।
छात्र संख्या के अनुसार अनुमन्य रसोइयों की संख्या
पीएम पोषण योजना के अंतर्गत विद्यालयों में रसोइयों की संख्या विद्यार्थियों के नामांकन के आधार पर निर्धारित की जाएगी। निर्धारित मानक इस प्रकार हैं—
- 25 तक नामांकित छात्र होने पर 1 रसोइया अनुमन्य होगा।
- 26 से 100 तक छात्र होने पर 2 रसोइया नियुक्त किए जाएंगे।
- 101 से 200 तक छात्र संख्या होने पर 3 रसोइया अनुमन्य होंगे।
- 201 से 300 तक नामांकन होने पर 4 रसोइया नियुक्त किए जाएंगे।
- 301 से 1000 तक छात्र होने पर 5 रसोइया अनुमन्य होंगे।
- 1001 से 1500 तक छात्र संख्या होने पर 6 रसोइया नियुक्त किए जाएंगे।
- 1501 या उससे अधिक छात्र होने पर 7 रसोइया अनुमन्य होंगे।
विद्यालयों में रसोइयों की नियुक्ति उपरोक्त मानकों के अनुसार की जाएगी तथा संबंधित अधिकारियों को छात्र संख्या के अनुरूप चयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मानक के आधार पर सभी जिलों को अपने-अपने विद्यालयों में आवश्यकतानुसार रसोइयों का चयन सुनिश्चित करना होगा।
15 दिनों में पूरी करनी होगी चयन प्रक्रिया
निर्देश में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कहा गया है कि अपने जनपद के विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुरूप रसोइयों का चयन कराते हुए 15 दिनों के भीतर पूरी कार्रवाई संपन्न करें। इसके बाद की गई कार्रवाई की सूचना मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाएगी।
इस निर्देश का उद्देश्य विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक संख्या में रसोइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन मिल सके।
किस शासनादेश के अनुसार होगा चयन?
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि रसोइयों का चयन शासनादेश संख्या 435(1)/79-6-10 दिनांक 24 अप्रैल 2010 में निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। अर्थात चयन प्रक्रिया, रसोइयों की संख्या और अन्य प्रावधान पूर्व निर्धारित नियमों के अनुरूप ही लागू रहेंगे।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी नए निर्देश के बाद अब सभी जिलों में छात्र संख्या के अनुसार रसोइयों का चयन किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जिन विद्यालयों में रसोइयों के पद रिक्त हैं, वहां जल्द ही चयन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। यह कदम पीएम पोषण योजना को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने और विद्यार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



