उत्तर प्रदेश में 'निपुण भारत' मिशन के तहत 'निपुण लक्ष्य' का निर्धारण किया गया है, जो प्राथमिक कक्षाओं में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक रोडमैप है। यह मिशन बालवाटिका से लेकर कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों में दक्षता को परिभाषित करता है।
1. प्रारंभिक स्तर (बालवाटिका, कक्षा 1 और 2)
यह स्तर बच्चों की नींव को मजबूत करने पर केंद्रित है:
भाषा:
- बालवाटिका: विद्यार्थी दो से तीन अक्षर वाले सरल शब्दों को पढ़ लेता है तथा अपने लिखित नाम को पहचान एवं लिख लेता है।
- कक्षा 1: विद्यार्थी 4 से 5 सरल शब्द सहित छोटे वाक्य पढ़ लेता है और समझ के साथ 2 से 3 वाक्य लिख लेता है।
- कक्षा 2: विद्यार्थी सरल शब्दों से बने 6 से 8 वाक्य के अज्ञात पाठ को समझ पढ़ लेता है तथा सरल शब्दों से बने किसी पाठ के 4 से 5 वाक्य समझकर लिख लेता है।
गणित:
- बालवाटिका: विद्यार्थी एक अंकीय (9 तक) संख्या को पहचान, पढ़ एवं लिख लेता है।
- कक्षा 1: विद्यार्थी संख्या क्रिया से संबंधित एक-अंकीय जोड़ और घटाव हल कर लेते हैं तथा 20 रुपये तक की भारतीय मुद्रा (नोट एवं सिक्के) की पहचान कर लेते हैं।
- कक्षा 2: विद्यार्थी संख्या क्रिया से संबंधित दो-अंकीय जोड़ और घटाव कर लेते हैं तथा 100 रुपये तक की भारतीय मुद्रा के प्रयोग से सरल लेन-देन कर लेते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कक्षा 1 से 2 तक के 100% छात्र 2026-27 तक इन लक्ष्यों को प्राप्त कर लें।
2. प्राथमिक स्तर (कक्षा 3, 4 और 5)
इस स्तर पर बच्चों की भाषाई और तार्किक समझ को और अधिक विस्तारित किया जाता है:
भाषा:
- कक्षा 3: विद्यार्थी 8 से 10 वाक्यों का अज्ञात अनुच्छेद पढ़कर 75% प्रश्नों के सही उत्तर देते हैं और 4 से 6 वाक्यों में स्वतंत्र रूप से लिख लेते हैं।
- कक्षा 4: विद्यार्थी 10 से 12 वाक्यों का अनुच्छेद पढ़कर 75% प्रश्नों के उत्तर देते हैं और 6 से 8 वाक्यों में अपने विचार लिख लेते हैं।
- कक्षा 5: विद्यार्थी 12 से 15 वाक्यों का पाठ पढ़कर 75% प्रश्नों के सही उत्तर देते हैं और 10 से 12 वाक्यों में पत्र/कहानी/कविता लिख लेते हैं।
गणित:
- कक्षा 3: विद्यार्थी तीन अंकीय संख्याओं का जोड़-घटाव, दो अंकीय संख्याओं का गुणा कर लेते हैं तथा कैलेंडर, घड़ी और 500 रुपये तक का लेनदेन समझ लेते हैं।
- कक्षा 4: विद्यार्थी तीन अंकीय संख्याओं में दो अंकीय संख्याओं से गुणा-भाग और दैनिक जीवन में माप की इकाइयों (समय, लंबाई, भार, धारिता) का प्रयोग कर लेते हैं।
- कक्षा 5: विद्यार्थी भिन्नों की पहचान और तुलना कर लेते हैं तथा 2D/3D ज्यामितीय आकृतियों के गुण (भुजा, कोण, शीर्ष) पहचान लेते हैं।
पर्यावरण अध्ययन:
- कक्षा 3: विद्यार्थी परिवार, समुदाय, त्योहारों और संसाधनों की पहचान कर लेते हैं।
- कक्षा 4: विद्यार्थी सड़क सुरक्षा, आपातकालीन स्थितियों (जैसे आग, धुआं) से निपटने के उपाय और संसाधनों के रखरखाव को समझ लेते हैं।
- कक्षा 5: विद्यार्थी फसल चक्र, ऋतु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और सामाजिक/प्राकृतिक मूल्यों को समझकर उन्हें व्यक्त कर पाते हैं।
अंग्रेजी:
- कक्षा 3: विद्यार्थी सरल निर्देशों को समझकर प्रतिक्रिया देते हैं और 4-6 शब्दों को समझकर सही लिखते हैं।
- कक्षा 4: विद्यार्थी 6-8 वाक्यों का अनुच्छेद पढ़कर 75% प्रश्नों के उत्तर देते हैं और सरल 4-6 वाक्यों का श्रुतलेख (dictation) लिख लेते हैं।
- कक्षा 5: विद्यार्थी अपने परिवेश पर 2-3 सार्थक वाक्य लिख/बोल सकते हैं और 8-10 वाक्यों के अनदेखे गद्यांश को पढ़कर उत्तर दे लेते हैं।


