मेरठ के हस्तिनापुर से सामने आया कथित सर्पदंश हत्याकांड पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि एक स्कूल संचालिका ने अपने प्रेमी, जो स्कूल बस का चालक था, के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की ऐसी साजिश रची जिसे सुनकर लोग हैरान रह गए। पुलिस का दावा है कि पहले पति को खाने में 10 नींद की गोलियां दी गईं, फिर बेहोश होने के बाद जहरीले सांप से डसवाया गया ताकि मौत को प्राकृतिक सर्पदंश साबित किया जा सके।
मृतक अतुल कुमार अपनी पत्नी दामिनी और छह वर्षीय बेटे मानिक के साथ पिछले चार महीने से हस्तिनापुर की जे-ब्लॉक कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। दोनों पति-पत्नी मिलकर कृष्णा किड्स स्कूल का संचालन करते थे। गुरुवार रात परिवार एक ही कमरे में सोया था। पुलिस के अनुसार, देर रात गर्मी का बहाना बनाकर दामिनी बेटे के साथ दूसरे कमरे में चली गई, जबकि अतुल अकेले कमरे में रह गया।
शुक्रवार सुबह दामिनी ने परिवार वालों को फोन कर बताया कि अतुल को सांप ने काट लिया है और उसकी मौत हो गई। परिजन मौके पर पहुंचे और स्कूल बस चालक तुषार की मदद से अतुल को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पैर पर सांप के काटने जैसे निशान मिलने के कारण परिजन पहले सपेरों के पास भी पहुंचे, लेकिन वहां भी अतुल को मृत घोषित कर दिया गया।
यहीं से कहानी ने नया मोड़ लिया। जब शव का पोस्टमार्टम कराने की बात आई तो दामिनी और तुषार ने कथित रूप से इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इस व्यवहार से परिजनों को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस, फोरेंसिक टीम और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जांच के दौरान घटनास्थल से नींद की गोलियां मिलने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार यह सामने आया कि दामिनी और तुषार के बीच प्रेम संबंध थे। आरोप है कि दोनों ने मिलकर अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि तुषार ने पहले नींद की गोलियां खरीदीं और दो दिन पहले एक सपेरे से जहरीला सांप भी लाया। घटना वाली रात अतुल को खाने में कथित तौर पर 10 नींद की गोलियां दी गईं। बेहोश होने के बाद सांप से डसवाया गया और मौत सुनिश्चित करने के लिए गला दबाने का भी आरोप है।
सुबह होते ही कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम को सामान्य सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की गई। लेकिन अपराध की पटकथा में एक बड़ी गलती रह गई—पोस्टमार्टम से बचने की कोशिश। पुलिस को यहीं से मामला संदिग्ध लगा और जांच आगे बढ़ी।
मृतक के पिता अजब सिंह का कहना है कि चार महीने पहले भी उनके बेटे को कथित रूप से नशीला पदार्थ देकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। उस समय अतुल कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया। परिवार का यह भी दावा है कि अतुल ने अपनी मां से कई बार कहा था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है और उसे अपनी हत्या की आशंका है। उसने कथित रूप से यहां तक कहा था, "मां, वो मुझे मरवा देगी।"
पुलिस इस मामले की तुलना वर्ष 2025 में मेरठ के बहसूमा क्षेत्र में हुए चर्चित सर्पदंश कांड से भी कर रही है, जिसमें हत्या के बाद सांप का इस्तेमाल कर मौत को प्राकृतिक दिखाने की कोशिश की गई थी। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में सांप किस सपेरे से खरीदा गया और पूरी साजिश कब से रची जा रही थी।
व्यंग्य यही है कि कभी लोग कहते थे "प्यार में इंसान कुछ भी कर सकता है।" अब लगता है कुछ लोगों ने इसका अर्थ ही बदल दिया। रिश्ते निभाना मुश्किल लगा तो कानून का रास्ता छोड़कर अपराध की ऐसी पटकथा लिखी गई जिसमें सांप को भी किरदार बना दिया गया। लेकिन अपराध चाहे जितना फिल्मी क्यों न हो, अंत अक्सर एक जैसा ही होता है—फोरेंसिक, पोस्टमार्टम, पुलिस जांच और आखिरकार सलाखें।
नोट: यह लेख पुलिस के आरोपों और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित व्यंग्यात्मक प्रस्तुति है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।


