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प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ‘माँ’ अभियान से होगी भोजन की गुणवत्ता की निगरानी

Sir Ji Ki Pathshala

प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ‘माँ’ अभियान के तहत भोजन की गुणवत्ता की होगी निगरानी, 6 महिला अभिभावकों का होगा चयन

प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण (मध्यान्ह भोजन) योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘माँ’ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन के निर्देशानुसार सभी जनपदों में योजना से आच्छादित विद्यालयों में ‘माँ’ समूह के गठन एवं उसके नियमित अनुश्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

PM पोषण योजना के तहत ‘माँ’ अभियान से विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की निगरानी

शासनादेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में 06 महिला अभिभावकों का चयन किया जाएगा। इन सभी के नाम विद्यालय में प्रदर्शित किए जाएंगे। चयनित प्रत्येक महिला को सप्ताह का एक निर्धारित दिवस आवंटित किया जाएगा, जिस दिन वह विद्यालय में उपस्थित होकर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करेंगी। इस प्रकार सभी छह महिलाएँ क्रमवार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए योजना के सफल संचालन में सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करेंगी।

भोजन की गुणवत्ता पर रखेंगी विशेष निगरानी

निर्धारित दिवस पर महिला अभिभावक विद्यालय में उपस्थित होकर भोजन पकाने, परोसने एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगी। वे भोजन का स्वाद भी चखेंगी तथा यदि किसी प्रकार की कमी या सुधार की आवश्यकता होगी तो उसके संबंध में अपने सुझाव दर्ज करेंगी। इससे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

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विद्यालय स्तर पर एक रोस्टर रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें निर्धारित दिवस पर निरीक्षण करने वाली महिला अभिभावक अपनी टिप्पणी, सुझाव एवं हस्ताक्षर दर्ज करेंगी। यह रजिस्टर योजना की निगरानी का महत्वपूर्ण अभिलेख होगा और अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के समय इसकी समीक्षा भी की जा सकेगी।

स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित विद्यालय भी होंगे शामिल

जिन विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत भोजन स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, वहाँ भी ‘माँ’ अभियान लागू रहेगा। चयनित महिला अभिभावक ऐसे विद्यालयों में भी भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करेंगी और आवश्यक सुझाव देंगी। ‘माँ’ अभियान के अंतर्गत चयनित महिला अभिभावकों को इस कार्य के लिए कोई मानदेय या अन्य वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा। उनका योगदान पूरी तरह सामाजिक सहभागिता एवं विद्यार्थियों के हित में स्वैच्छिक सहयोग के रूप में माना जाएगा।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण (मध्यान्ह भोजन) योजना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। अभिभावकों की प्रत्यक्ष भागीदारी से विद्यार्थियों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

PM पोषण योजना के तहत ‘माँ’ अभियान से विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की निगरानी