महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस में छापे गए थे। इसी कड़ी में महाराष्ट्र की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आगरा पहुंचकर कई स्थानों पर गोपनीय जांच और छापेमारी की। हालांकि इस कार्रवाई में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी थी और पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि प्रश्नपत्र के चार अलग-अलग सेट आगरा में छापे गए थे। आशंका है कि इन्हीं में से एक सेट परीक्षा से पहले लीक हुआ।
इसी सुराग के आधार पर एसआईटी की टीम आगरा पहुंची और सदर, आवास विकास कॉलोनी तथा हरीपर्वत क्षेत्र में गोपनीय तरीके से जांच की। टीम ने स्थानीय स्तर पर कई लोगों से पूछताछ की और संबंधित जानकारियां जुटाईं। इस दौरान स्थानीय पुलिस को भी जांच से दूर रखा गया ताकि कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय बनी रहे।
जांच में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो आरोपी बिहार और एक हरियाणा से बताए गए हैं। पूछताछ के दौरान प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। एसआईटी अब प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है। प्रेस से जुड़े कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ और अन्य संबंधित लोगों के बारे में गोपनीय तरीके से जानकारी एकत्र की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
इस मामले पर आगरा के डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने कहा कि महाराष्ट्र एसआईटी के आगमन की आधिकारिक जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं थी। यदि महाराष्ट्र पुलिस किसी प्रकार का सहयोग या कार्रवाई के लिए संपर्क करती है तो नियमानुसार पूरा सहयोग दिया जाएगा। महाराष्ट्र टीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


