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CM योगी का बड़ा आश्वासन: TET प्रभावित और तदर्थ शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए सरकार गंभीर, अनुभव का मिलेगा सम्मान

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के चलते संकट का सामना कर रहे हजारों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे शिक्षकों के अनुभव और उनकी सेवाओं का पूरा सम्मान करेगी। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद प्रभावित अध्यापकों में एक बार फिर अपनी नौकरी को लेकर उम्मीद की नई किरण जागी है।

CM Yogi Adityanath meeting with UP teacher delegation regarding TET issue

मुख्य बिंदु:

  • ​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल।
  • ​सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद संकट में आए शिक्षकों के लिए समाधान की तलाश।
  • ​विशेष विभागीय TET परीक्षा और सेवा अवधि के आधार पर वेटेज देने का प्रस्ताव।
  • ​भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील, सकारात्मक समाधान की उम्मीद।

शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से अहम मुलाकात

​हाल ही में विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेंद्र प्रताप सिंह और राज बहादुर सिंह चंदेल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने TET अनिवार्यता और सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के बाद उत्पन्न हुई विकट स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

​शिक्षकों की ओर से पैरवी करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि:

  1. सेवा अवधि का वेटेज: वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को उनके अनुभव के आधार पर विशेष वेटेज दिया जाए।
  2. विशेष विभागीय परीक्षा: प्रभावित शिक्षकों के लिए एक विशेष विभागीय TET परीक्षा का आयोजन किया जाए, जिससे उनकी सेवा को विधिक रूप से सुरक्षित किया जा सके।

सरकार ने पहले ही दायर की है पुनर्विचार याचिका: मुख्यमंत्री

​प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दाखिल कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि संकट का व्यावहारिक और कानूनी रूप से सुदृढ़ समाधान निकालने के लिए सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।


​​लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के अनुभव और योगदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उनकी सेवा सुरक्षा के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

तदर्थ (Ad-hoc) शिक्षकों का मुद्दा भी गूंजा

​इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल परिषदीय शिक्षक ही नहीं, बल्कि वर्ष 2000 के बाद अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त हुए तदर्थ शिक्षकों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि शासनादेश में आवश्यक संशोधन करते हुए, राजकोष से वेतन पा रहे इन तदर्थ शिक्षकों को उनके वर्तमान पदों पर ही समायोजित किया जाए।

"भ्रमित न हों शिक्षक, वार्ता रही बेहद सकारात्मक"

​बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई यह वार्ता अत्यंत सकारात्मक और उत्साहजनक रही। उन्होंने सभी प्रभावित शिक्षकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों का शिकार न हों। सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

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