लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले संगठन 'उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ' (UPPSS) ने एक बार फिर शिक्षकों की जायज मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। संघ ने सरकार से मांग की है कि आगामी जनगणना 2026 के कार्यों में लगे सभी परिषदीय शिक्षकों और शिक्षिकाओं को नियमानुसार अर्जित/उपादित अवकाश (Earned Leave) का लाभ दिया जाए।
इस संबंध में संघ की ओर से श्रीमान शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है।
शासनादेशों का हवाला, फिर भी अनुपालन नहीं
शिक्षक संघ द्वारा जारी पत्रांक संख्या UPPSS / 35-38 / 2026-27 (दिनांक: 08/06/2026) के माध्यम से शिक्षा निदेशक का ध्यान पुराने शासनादेशों और नियमों की ओर आकर्षित किया गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि:
- बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 का शासनादेश: संख्या 479/68-5-23 (दिनांक 02-05-2023)
- महानिदेशक, स्कूल शिक्षा का पत्र: पत्रांक महा०नि०/एम०आई०एस०/6049/2024-25 (दिनांक 30 सितंबर, 2024)
- सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पुराने आदेश: (वर्ष 1996, 1999 और 2000 के विभिन्न पत्रांक)
इन सभी नियमों के अनुसार, यदि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों या शिक्षणेत्तर कर्मियों को ग्रीष्मावकाश (Summer Vacation) या शीतावकाश (Winter Vacation) के दौरान सक्षम प्राधिकारी (शासन या राज्य स्तर) के आदेश पर किसी सरकारी कार्य में लगाया जाता है, तो वे अर्जित/उपादित अवकाश के हकदार होते हैं।
शिक्षकों में भारी आक्रोश: शिक्षक संघ का आरोप है कि नियमों के स्पष्ट होने के बावजूद वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के किसी भी जनपद में इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। अवकाश के दिनों में भी जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में ड्यूटी करने के बाद भी शिक्षकों को उनके हक का अर्जित अवकाश नहीं मिल रहा है, जिससे प्रदेश भर के शिक्षकों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है।
शिक्षक संघ की मुख्य मांग
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनय कुमार तिवारी और महामंत्री उमाशंकर सिंह ने संयुक्त रूप से शिक्षा निदेशक से यह पुरजोर अनुरोध किया है कि:
- प्रदेश के समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSAs) को तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए जाएं।
- जनगणना 2026 के कार्यों में संलग्न सभी परिषदीय शिक्षकों और शिक्षिकाओं को नियमानुसार बिना किसी मानसिक प्रताड़ना के अर्जित अवकाश स्वीकृत कराया जाए।
निष्कर्ष:
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है। यदि समय रहते शिक्षकों को उनके इस अधिकार (अर्जित अवकाश) का लाभ नहीं दिया गया, तो आगामी जनगणना 2026 के कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि शिक्षक संगठन इसे लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहा है।


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