उत्तर प्रदेश के परिषदीय (बेसिक शिक्षा विभाग) शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना एक अत्यंत कल्याणकारी और ऐतिहासिक कदम है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को अचानक आने वाले चिकित्सा खर्चों और गंभीर बीमारियों के वित्तीय बोझ से मुक्त करना है, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपना और अपने आश्रितों का बेहतर इलाज करा सकें।
अक्सर देखा गया है कि आवेदन करते समय शिक्षकों के मन में कई व्यावहारिक सवाल उठते हैं—जैसे कि यदि पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं तो आवेदन कैसे करें? कौन-कौन से पारिवारिक सदस्य 'आश्रीन' की श्रेणी में आते हैं? और क्या प्राइवेट पॉलिसी होने पर भी आवेदन करना जरूरी है? शिक्षकों के इन्हीं सभी संशयों को दूर करने के लिए, हमने विभाग के नियमों के आधार पर सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों के सटीक जवाब यहाँ संकलित किए हैं।
Q1. यदि पति और पत्नी दोनों परिषदीय (बेसिक शिक्षा विभाग) शिक्षक हैं, तो आवेदन कैसे करना चाहिए? क्या बच्चों को दोनों के साथ जोड़ा जा सकता है?
उत्तर: इस स्थिति में पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग आवेदन करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि दोनों को अलग-अलग 5-5 लाख रुपये का कवर मिलेगा, जिससे परिवार को कुल 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिल सकेगा। जहाँ तक बच्चों का सवाल है, बच्चों को पति या पत्नी में से किसी भी एक के कार्ड में आश्रित के रूप में ऐड (जोड़) करना चाहिए, दोनों में नहीं।
Q2. यदि पति/पत्नी में से कोई एक बेसिक शिक्षक है और दूसरा किसी अन्य सरकारी विभाग में है, जिनके पास पहले से ही CGHS या पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कार्ड है, तो क्या आवेदन करना जरूरी है?
उत्तर: इस स्थिति में आपको इस योजना के तहत आवेदन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS और राज्य कर्मचारियों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस योजना के लाभ पहले से ही बेहद शानदार और विस्तृत हैं। यदि आपके पास इनमें से कोई भी कार्ड है, तो वह पहले से ही सर्वोत्तम है।
Q3. यदि पति या पत्नी में से कोई एक परिषदीय शिक्षक है और दूसरा प्राइवेट जॉब या बिजनेस में है, तो क्या उन्हें आश्रित के रूप में जोड़ा जा सकता है?
उत्तर: जी नहीं, उन्हें ऐड न करें। नियमानुसार, यदि दूसरा व्यक्ति सरकारी सेवा में नहीं है, लेकिन उसकी मासिक आय 3,500 रुपये से अधिक है या वह ITR (Income Tax Return) फाइल करता है, तो वह 'आश्रित' की श्रेणी में नहीं आता। अतः उन्हें अपने कार्ड में शामिल न करें।
Q4. यदि शिक्षक के माता या पिता में से कोई एक पेंशनभोगी (Pensioner) है, तो क्या उन दोनों को आश्रित के रूप में जोड़ा जा सकता है?
उत्तर: नहीं, दोनों लोग आश्रित की श्रेणी में ऐड नहीं होंगे। नियम यह कहता है कि यदि माता या पिता में से कोई एक भी पेंशन पा रहा है, तो दूसरा व्यक्ति (जीवनसाथी) उस पेंशनभोगी पर आश्रित माना जाएगा, न कि शिक्षक पर। इसके अलावा, वर्तमान में अमूमन सभी पेंशन 3,500 रुपये प्रति माह से अधिक होती है, इसलिए वे पात्रता से बाहर हो जाते हैं।
Q5. मेरी पहले से ही एक प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चल रही है, क्या मुझे इस योजना में आवेदन करना चाहिए?
उत्तर: हाँ, आपको निश्चित रूप से आवेदन करना चाहिए। आपके लिए सबसे बेहतर सलाह यही है कि आप अपनी प्राइवेट हेल्थ पॉलिसी को भी चालू रखें (ताकि पुरानी बीमारियों का कवर न छूटे) और साथ ही मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना में भी आवेदन कर दें। दोनों योजनाएं समानांतर रूप से आपके काम आ सकती हैं।
Q6. जिन शिक्षकों या उनके परिजनों का पहले से ही 'आयुष्मान कार्ड' बना हुआ है, क्या उन्हें भी दोबारा इस योजना के लिए आवेदन करना होगा?
उत्तर: जिन लाभार्थियों का आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले से ही कार्ड सक्रिय (Active) है, उन्हें मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए दुबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
Q7. क्या माता-पिता को इस योजना में शामिल करने के लिए उनके नाम पर कोई आय प्रमाण पत्र देना होगा?
उत्तर: जी हाँ, यदि माता-पिता सरकारी सेवा या पेंशन में नहीं हैं और आप उन्हें आश्रित के रूप में जोड़ना चाहते हैं, तो नियुमानुसार उनकी मासिक आय 3,500 रुपये प्रति माह से कम होनी चाहिए। इसके सत्यापन के लिए सक्षम प्राधिकारी (तहसीलदार) द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता हो सकती है।
Q8. यदि माता-पिता मेरे साथ न रहकर गांव में रहते हैं, तो क्या वे मेरे कार्ड पर इलाज करा सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यदि वे पूरी तरह से आप पर आश्रित हैं और पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इलाज के लिए उनका आपके साथ रहना अनिवार्य नहीं है, बशर्ते उनका नाम आपके कैशलेस कार्ड में दर्ज हो।
Q9. बेटा या बेटी किस उम्र तक इस योजना के तहत आश्रित माने जाएंगे?
उत्तर: योजना के सामान्य नियमों के अनुसार:
बेटा: 25 वर्ष की आयु तक या जब तक वह आत्मनिर्भर नहीं हो जाता। यदि बेटा किसी गंभीर शारीरिक/मानसिक दिव्यांगता से ग्रस्त है, तो वह आजीवन आश्रित श्रेणी में रह सकता है।
बेटी: जब तक उसकी शादी नहीं हो जाती या वह आत्मनिर्भर नहीं हो जाती, तब तक वह आश्रित मानी जाएगी। उम्र की कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
Q10. इस योजना के तहत प्रतिवर्ष इलाज की अधिकतम सीमा (Limit) क्या है?
उत्तर: इस योजना के तहत सामान्यतः प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के मुफ्त (कैशलेस) इलाज का प्रावधान है। यदि पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं और दोनों अलग-अलग आवेदन करते हैं, तो यह सीमा कुल 10 लाख रुपये तक हो जाती है।
Q11. क्या इस योजना के तहत किसी भी प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, आप केवल उन्हीं निजी या सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकते हैं जो 'एम्पैनल्ड' (योजना के तहत लिस्टेड) हैं। आयुष्मान भारत या राज्य कर्मचारी योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों की सूची विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होती है।
Q12. आपातकालीन स्थिति (Emergency) में यदि मरीज को किसी गैर-सूचीबद्ध (Non-Empanelled) अस्पताल में भर्ती कराना पड़े, तो क्या पैसा वापस मिलेगा?
उत्तर: आपातकालीन स्थिति में यदि किसी गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो तुरंत इसकी सूचना विभाग को देनी होगी। ऐसे मामलों में इलाज के बाद प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के लिए आवेदन किया जा सकता है, जो सरकारी तयशुदा दरों के आधार पर स्वीकृत होता है।
Q13. क्या अस्पताल में भर्ती होने से पहले की दवाइयों और जांचों का खर्च भी इस योजना में शामिल है?
उत्तर: हाँ, योजना के पैकेज के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने से कुछ दिन पहले की आवश्यक जांचें/दवाएं और डिस्चार्ज होने के बाद की तय दिनों की दवाइयां शामिल होती हैं। केवल ओपीडी (OPD) में डॉक्टर को दिखाने पर यह पूरी तरह लागू नहीं होता।
Q14. यदि आवेदन करते समय किसी आश्रित का नाम या विवरण गलत दर्ज हो गया हो, तो क्या उसमें सुधार किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, आवेदन सबमिट होने के बाद यदि कोई त्रुटि रह जाती है, तो विभाग द्वारा पोर्टल पर 'Correction' या 'Edit' का विकल्प दिया जाता है। आप बीआरसी (BRC) या लॉगिन क्रेडेंशियल के माध्यम से कार्ड प्रिंट होने से पहले सुधार करा सकते हैं।
Q15. क्या चाचा, चाची, भाई या बहन को इस योजना में आश्रित के रूप में जोड़ा जा सकता है (भले ही वे अकेले हों या पूरी तरह आप पर निर्भर हों)?
उत्तर: जी नहीं, उन्हें इस योजना में नहीं जोड़ा जा सकता। शासन के नियमानुसार, इसके तहत केवल जीवनसाथी, माता-पिता (मासिक आय 3,500 से कम) और बच्चों को ही शामिल करने की पात्रता है। चाचा, भाई, बहन या अन्य रिश्तेदार आश्रित परिवार की कानूनी श्रेणी में नहीं आते।
💡 महत्वपूर्ण सलाह: आवेदन करते समय अपने और अपने परिवार के आवश्यक दस्तावेजों को पूरी तरह जांच लें, ताकि भविष्य में क्लेम लेते समय किसी भी तकनीकी या कागजी दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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