लखनऊ: उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने तमाम तैयारियों और पांच बार तारीखें आगे बढ़ाने के बाद आखिरकार पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) जारी कर दी है। इस बार का चुनाव पूरी तरह हाईटेक होने जा रहा है, जिसमें फर्जी वोटिंग रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी (Technical Glitch) और सर्वर पर भारी ट्रैफिक के चलते फिलहाल आधिकारिक वेबसाइट से पूरी सूची डाउनलोड होने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं, जिसे आयोग द्वारा जल्द ही दुरुस्त किया जा रहा है।
📊 मतदाता सूची के बड़े आंकड़े: करोड़ों नाम कटे, लाखों नए वोटर जुड़े
इस बार की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर और सुधार देखने को मिले हैं। आयोग द्वारा जारी मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए: फर्जीवाड़े, दोहरी प्रविष्टियों (Double Entry) और मृतकों के नाम हटाने के लिए सूची से रिकॉर्ड 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं।
- 40.19 लाख कुल वोटर्स बढ़े: साल 2021 के पंचायत चुनाव में कुल 12.29 करोड़ मतदाता थे। वहीं, इस बार की सूची के अनुसार यह संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है। यानी पिछले चुनाव के मुकाबले कुल 40.19 लाख नए मतदाता बढ़े हैं।
- 1.81 करोड़ नए नाम: फाइनल लिस्ट तैयार होने की प्रक्रिया के दौरान कुल 1.81 करोड़ नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 21.08 लाख मतदाताओं के विवरण में संशोधन (Correction) किया गया।
💻 पहली बार 'स्टेट वोटर नंबर' और मोबाइल ऐप से रुकेगा फर्जीवाड़ा
राज्य निर्वाचन आयोग इस बार पंचायत चुनाव को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने जा रहा है। इसके लिए दो बड़े ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं:
- 9 अंकों का 'स्टेट वोटर नंबर': जिला स्तर पर जारी हुई इस सूची में सभी मतदाताओं को 9 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर (State Voter Number) आवंटित किया गया है। मतदाताओं का पूरा ब्योरा फोटो सहित ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।
- वोटिंग के समय खिंचेगी फोटो: कोई भी व्यक्ति दो बार या फर्जी वोट न डाल सके, इसके लिए मतदान केंद्र पर एक विशेष मोबाइल ऐप का इस्तेमाल होगा। मतदान के समय मतदाता की फोटो खींचते ही ऐप तुरंत बता देगा कि इस व्यक्ति ने पहले कहीं वोट डाला है या नहीं।
🏛️ कार्यवाहक प्रधानों (प्रशासकों) के लिए कड़े नियम: बिना DM की अनुमति नहीं होंगे नए काम
उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण 57,694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही 'प्रशासक' (Administrator) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन प्रशासकों ने 27 मई से अपना कार्यभार संभाल लिया है, लेकिन अब उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) जारी किए गए हैं:
- नया बजट और नए कार्यों पर पाबंदी: प्रशासक अपनी मर्जी से ग्राम पंचायत में कोई भी नया काम शुरू नहीं करा सकेंगे। नया काम शुरू कराने के लिए उन्हें जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के माध्यम से जिलाधिकारी (DM) को प्रस्ताव भेजना होगा और DM की अनुमति के बाद ही काम शुरू हो सकेगा।
- पुराने कामों का भुगतान: प्रशासक नियुक्त होने की तिथि (27 मई) से पहले जो कार्य स्वीकृत हो चुके थे, जो निर्माण या मरम्मत कार्य चल रहे थे, या जो पूरे हो चुके थे, उनका भौतिक व तकनीकी मूल्यांकन (Evaluation) कराने के बाद प्रशासक पहले की तरह ही भुगतान कर सकेंगे।
🔗 कहां और कैसे देखें अंतिम मतदाता सूची? (Direct Links)
चूंकि अंतिम मतदाता सूची को राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, इसलिए मतदाता अपनी डिटेल्स नीचे दिए गए माध्यमों से चेक कर सकते हैं:
- अपना नाम सर्च करने और पर्ची निकालने के लिए: 👉 UP पंचायत वोटर सर्च इंजन (sec.up.nic.in) (यहाँ आप अपना नाम, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत डालकर सीधे अपनी वोटर पर्ची देख और प्रिंट कर सकते हैं।)
- पूरी ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट (PDF) डाउनलोड करने के लिए: 👉 पंचायत वोटर लिस्ट डाउनलोड लिंक (sec.up.nic.in) (यहाँ आपको अपने जिले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करना होगा, जिसके बाद पूरी मतदाता सूची का पीडीएफ डाउनलोड करने का विकल्प मिलेगा।)
- राज्य निर्वाचन आयोग का मुख्य पोर्टल (होम पेज): 👉 UP राज्य निर्वाचन आयोग मुख्य वेबसाइट


