लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड विभाग को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लिया है। अब राज्य के होमगार्ड जवानों को आधुनिक चुनौतियों से निपटने और आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री के नए निर्देशों के अनुसार, होमगार्डों के बुनियादी प्रशिक्षण में अब सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और प्राथमिक उपचार (First Aid) को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि संकट के समय वे एक कुशल 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभा सकें।
🩺 'गोल्डन आवर' में जान बचाएंगे होमगार्ड
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विज्ञान में 'गोल्डन आवर' (हादसे या दिल का दौरा पड़ने के ठीक बाद का पहला घंटा, जो मरीज की जान बचाने के लिए सबसे कीमती होता है) के महत्व पर विशेष जोर दिया है।
- जवानों को डिजिटल प्रणालियों के अधिकतम उपयोग में निपुण बनाया जाएगा।
- आपातकालीन चिकित्सा सहायता और आपदा प्रबंधन की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
📅 सितंबर 2026 तक आएगा 41,424 पदों की भर्ती का परिणाम
प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर होमगार्डों की भर्ती चल रही है।
भर्ती अपडेट: कुल 41,424 रिक्त पदों पर चल रही इस भर्ती प्रक्रिया का अंतिम परिणाम सितंबर 2026 तक जारी कर दिया जाएगा।
चयनित होने वाले नए अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिनों की कड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और अनुशासन का स्तर पुलिसकर्मियों के समकक्ष हो सके।
💰 भत्ते और सुविधाओं में भारी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड जवानों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उनके भत्तों और सुविधाओं में भी बड़ा सुधार किया है:
- प्रशिक्षण भत्ता बढ़ा: होमगार्डों का प्रशिक्षण भत्ता अब बढ़ाकर सीधे उनके ड्यूटी भत्ते के बराबर (समकक्ष) कर दिया गया है।
- वर्दी भत्ता: जवानों के टर्नआउट को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष में 3,000 रुपये का वर्दी भत्ता देने की व्यवस्था की गई है।
📊 एक नजर में: यूपी होमगार्ड संगठन की मौजूदा स्थिति
वर्ष 1963 में स्थापित हुए इस संगठन ने राज्य की सुरक्षा में हमेशा अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान में इसकी स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- कुल स्वीकृत पद: 1,18,348
- वर्तमान में कार्यरत जवान: 67,971
- आपदा मित्र: आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष रूप से तैयार किए जा चुके 3,812 होमगार्ड, जो बाढ़, भूकंप जैसी विभीषिकाओं में फ्रंटलाइन पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के इस नए कदम से न केवल होमगार्ड संगठन का कायाकल्प होगा, बल्कि आम जनता को भी सड़क हादसों और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मौके पर ही त्वरित और जीवनरक्षक सहायता मिल सकेगी।


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