डिजिटल डेस्क: यदि आपके घर में भी रसोई गैस (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। घरेलू गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और धोखाधड़ी से मुक्त बनाने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने मिलकर कई नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य फर्जी गैस कनेक्शन, कालाबाजारी और डुप्लीकेट उपभोक्ताओं पर पूरी तरह से नकेल कसना है।
कंपनियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उपभोक्ता इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो भविष्य में उनकी गैस बुकिंग रोकी जा सकती है और सिलेंडर की डिलीवरी में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं एलपीजी वितरण से जुड़े वे 7 प्रमुख नियम जो अब हर उपभोक्ता के लिए जानना अनिवार्य हैं।
LPG वितरण और बुकिंग से जुड़े 7 नए नियम (7 Essential LPG Rules)
- 1. मोबाइल नंबर का अपडेशन अनिवार्य: चूंकि बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पूरी सूचना और ओटीपी (OTP) मोबाइल पर ही आते हैं, इसलिए आपका सक्रिय नंबर गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए। यदि आपने अपना पुराना नंबर बदल लिया है, तो उसे तुरंत गैस एजेंसी जाकर सुधरवा लें।
- 2. शहरी क्षेत्रों में दूसरी बुकिंग पर 25 दिन का प्रतिबंध: शहरों में गैस की फिजूलखर्ची और जमाखोरी रोकने के लिए एक समय-सीमा तय की गई है। नए नियम के तहत, एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद उपभोक्ता 25 दिन की अवधि पूरी होने से पहले दूसरा LPG सिलेंडर बुक नहीं कर सकेंगे।
- 3. ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक अपडेट: सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने सभी वैध ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) करवाना आवश्यक कर दिया है। कई क्षेत्रों में इसके लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी शुरू किया गया है। जिन उपभोक्ताओं का केवाईसी रिकॉर्ड अपडेट नहीं होगा, उनकी गैस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
- 4. ग्रामीण इलाकों के लिए 45 दिन का चक्र: गांवों में वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और फर्जी बुकिंग के जरिए होने वाली गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच न्यूनतम 45 दिनों का अंतर अनिवार्य किया गया है।
- 5. एक ही पते पर मल्टीपल कनेक्शन की जांच: तेल कंपनियां अब डेटाबेस के माध्यम से उन आवासों या पतों की स्क्रूटनी कर रही हैं, जहां एक ही पते पर एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी हैं। जांच में यदि कोई भी कनेक्शन फर्जी या तय नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर कार्रवाई की जाएगी।
- 6. अनिवार्य OTP वेरिफिकेशन: अब रसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी की प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। जब आप सिलेंडर बुक करेंगे, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड भेजा जाएगा। डिलीवरी बॉय को वह ओटीपी बताने के बाद ही आपको सिलेंडर हैंडओवर किया जाएगा, ताकि सही ग्राहक तक ही सिलेंडर पहुंचे।
- 7. PNG क्षेत्रों में सब्सिडी की निगरानी: जिन शहरी या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) यानी पाइप वाली रसोई गैस की सुविधा पहुंच चुकी है, वहां एलपीजी कनेक्शन और मिलने वाली सब्सिडी की कड़ाई से निगरानी की जा रही है, ताकि कोई भी उपभोक्ता दोनों सुविधाओं का एक साथ गलत फायदा न उठा सके।


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