सेवारत (In-Service) शिक्षकों को TET पास करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय, साल में दो बार होगी विशेष परीक्षा
शिमला: हिमाचल प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में कार्यरत बिना टीईटी (TET) वाले सेवारत (in-service) शिक्षकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी अधिसूचना जारी की है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के हालिया दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, राज्य सरकार ने शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने के लिए समय सीमा में विस्तार किया है। अब ऐसे सभी शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक अनिवार्य रूप से TET पास करना होगा। शिक्षा सचिव (हिमाचल प्रदेश सरकार) की ओर से 25 जून 2026 को निदेशक, स्कूल शिक्षा को 'अति आवश्यक' (Most Urgent) श्रेणी में यह पत्र जारी किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन
जारी पत्र के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील नंबर 1385/2025 (अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) में 1 सितंबर 2025 को दिए गए फैसले और 29 मई 2026 को रिव्यू पिटीशन में पारित आदेश के तहत, सेवारत शिक्षकों द्वारा TET योग्यता प्राप्त करने की समय सीमा को दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिन सेवारत शिक्षकों के लिए TET होना अनिवार्य है, उन्हें हर हाल में 31 अगस्त 2028 तक यह योग्यता हासिल करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की है कि संबंधित प्राधिकारी को समय-समय पर, अधिमानतः वर्ष में दो बार, टीईटी परीक्षा आयोजित करनी चाहिए ताकि पात्र शिक्षकों को वैधानिक आवश्यकता का पालन करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सके।
शिक्षा विभाग द्वारा उठाए गए कदम
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक शिक्षा (Elementary Education) के तहत काम कर रहे उन सभी सेवारत शिक्षकों की एक विस्तृत सूची (Comprehensive List) तैयार की जाएगी, जिन्होंने अभी तक TET परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। साथ ही, सभी उप-निदेशकों (Deputy Directors), ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (BEEO) और स्कूल के प्राचार्यों/मुखियाओं को निर्देश जारी किए जाएंगे कि वे सुनिश्चित करें कि संबंधित शिक्षक 31.08.2028 की डेडलाइन से पहले यह परीक्षा पास कर लें।
शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने के लिए, विभाग हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE), धर्मशाला के साथ समन्वय करेगा। सेवारत शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, साल में कम से कम दो बार 'विशेष टीईटी परीक्षा' (Special TET Examination) आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, इन विशेष परीक्षाओं के शेड्यूल का व्यापक स्तर पर प्रचार किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र शिक्षक परीक्षा देने से वंचित न रहे।
समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
अंडर सेक्रेटरी (एजुकेशन) हेम सिंह वर्मा द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को देखते हुए इस मामले को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' (Most Urgent) दी जाए। शिक्षा निदेशक से कहा गया है कि वे इस पर तुरंत आवश्यक कार्रवाई करें और बिना किसी देरी के 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (Action Taken Report) विभाग को सौंपें। इस मामले को समयबद्ध (Time Bound) और अत्यंत आवश्यक माना गया है।
शिक्षकों के लिए बड़ी राहत
सरकार का यह कदम उन शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है जो वर्षों से अपनी सेवा दे रहे हैं लेकिन किन्हीं कारणों से अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं कर पाए थे। साल में दो बार विशेष परीक्षा आयोजित होने से शिक्षकों को अपनी नौकरी सुरक्षित करने और अनिवार्य योग्यता हासिल करने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।




