लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके काम के प्रति अधिक गंभीर और जिम्मेदार बनने का कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और ड्यूटी के दौरान रील्स बनाने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री ने इस बात को पुरजोर तरीके से उठाया कि अक्सर देखा जाता है कि बहुत सारे लोग ड्यूटी के दौरान रील्स बनाते रहते हैं, जो कि पूरी तरह से अनुशासनहीनता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के समय हमें अपने काम के प्रति सजग और सतर्क होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाने में अपना समय गंवाना चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से न केवल कर्मचारी अपने मुख्य कर्तव्यों से भटकते हैं, बल्कि इससे पूरी व्यवस्था की छवि भी धूमिल होती है।
भाषण के दौरान उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जो काम जिस व्यक्ति को सौंपा गया है, उसके प्रति उतनी ही सतर्कता और गंभीरता भी होनी चाहिए। जब कर्मचारी अपने काम को पूरी निष्ठा से करेंगे, तभी गरिमापूर्ण तरीके से बेहतर परिणाम सामने आ पाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को आगाह किया कि उन्हें ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जो उन्हें या पूरी व्यवस्था को समाज में हंसी का पात्र बनाए।
मुख्यमंत्री ने उन लोगों की भी तीखी आलोचना की जो खुद तो अपने कर्तव्यों का पालन ठीक से नहीं करते, लेकिन व्यवस्था पर उंगली उठाने में सबसे आगे रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति जिसकी जहां ड्यूटी है, वह वहां ईमानदारी से कार्य करेगा तो सकारात्मक परिणाम अपने आप ही देखने को मिलेंगे।
अंत में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक सुधार और व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक 'टीम भावना' की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उस परिणाम को धरातल पर लाने के लिए हम सभी को एक टीम के रूप में मिलकर आगे बढ़ना होगा। उनका यह वक्तव्य प्रशासन में सुधार लाने और सरकारी कर्मचारियों के बीच अनुशासन की महत्ता को एक बार फिर से मजबूती से रेखांकित करता है।
ड्यूटी के दौरान रील्स बनाना अनुशासनहीनता का प्रतीक: सीएम योगी आदित्यनाथ pic.twitter.com/K8k0CYk9Tr
— Sir Ji Ki Pathshala (@basic_pathshala) June 17, 2026


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