लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के अंतर्गत बनने वाले स्वास्थ्य कार्डों के आधिकारिक डिज़ाइन को सक्षम स्तर से मंजूरी दे दी है।
उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग) पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा आज, 5 जून 2026 को एक आधिकारिक शासनादेश जारी किया गया है। यह पत्र मुख्य कार्यपालक अधिकारी, SACHIS (State Agency for Comprehensive Health Insurance Scheme), उत्तर प्रदेश को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
कार्ड के फ्रंट और बैक पेज का डिज़ाइन फाइनल
जारी किए गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग हेतु सक्षम स्तर से विधिवत अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत उक्त कैशलेस चिकित्सा कार्ड का अंतिम डिज़ाइन (फ्रंट पेज एवं बैक पेज) तैयार कर लिया गया है। इस डिज़ाइन को अब अग्रिम कार्रवाई और कार्ड निर्माण के लिए SACHIS को सौंप दिया गया है।
आदेश की मुख्य बातें:
- योजना का नाम: मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना
- कार्यान्वयन संस्था: SACHIS के माध्यम से बनाए जाएंगे सभी स्वास्थ्य कार्ड।
- लक्षित विभाग: उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग।
- ताजा अपडेट: सक्षम स्तर से फ्रंट और बैक पेज के डिज़ाइन को पूर्ण स्वीकृति।
शीघ्र शुरू होगी कार्ड वितरण की प्रक्रिया
इस महत्वपूर्ण कदम के बाद अब राज्य के लाखों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। कार्ड का डिज़ाइन फाइनल होने के बाद अब SACHIS द्वारा कार्डों की छपाई और डिजिटल वितरण की प्रक्रिया को गति दी जाएगी। इस योजना के लागू होने से शिक्षकों को चिकित्सा आपातकाल के समय अस्पतालों में नकद राशि के भुगतान से मुक्ति मिलेगी।




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