वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया के बीच एक बेहद चौंकाने वाला निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने अपने 55 डिप्लोमा और विशेष (स्पेशल) पाठ्यक्रमों में बाहरी छात्रों (Non-BHU Students) के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस नए नियम का सबसे बड़ा असर उन कोर्सों पर पड़ने की आशंका है, जिनमें पहले करीब 70 फीसदी सीटें बाहरी राज्यों और जिलों के छात्रों से भरी जाती थीं।
विश्वविद्यालय के इस फैसले के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि कई महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों में इस साल 50 से 60 प्रतिशत सीटें खाली रह सकती हैं।
नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत बदला गया ढांचा
BHU प्रशासन के मुताबिक, यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP) के पूर्ण क्रियान्वयन को ध्यान में रखकर किया गया है। पहले इन डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सों का लाभ देश भर के छात्र उठाते थे। लेकिन अब बदली हुई व्यवस्था के तहत, इन रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के नियमित (Regular) छात्रों के लिए ही आरक्षित कर दिया गया है।
नियमित छात्रों को मिलेगा 'मल्टीपल कोर्स' का फायदा
प्रशासन का तर्क है कि इस नई व्यवस्था से बीएचयू के नियमित छात्रों को अपनी मुख्य पढ़ाई के साथ-साथ अतिरिक्त कौशल (Skill Development) हासिल करने का मौका मिलेगा। अब यहाँ के छात्र एक साथ पांच-पांच वैकल्पिक कोर्सों में प्रवेश ले सकते हैं। विश्वविद्यालय का पूरा ध्यान अब आंतरिक छात्रों को अधिक से अधिक रोजगारोन्मुखी कोर्सेज से जोड़ने पर है।
फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
इस कड़े फैसले के बाद विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर बहस छिड़ गई है। दरअसल, इसके पीछे एक वजह अनुशासन का हवाला दी जा रही थी। हालांकि, हाल ही में विश्वविद्यालय की एक आंतरिक समिति ने जब समीक्षा की, तो पाया कि अनुशासनहीनता के मामले में प्रतिबंधित किए गए 112 छात्रों में से केवल 1 छात्र ही डिप्लोमा कोर्स का था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या मुट्ठी भर मामलों के कारण हजारों बाहरी मेधावी छात्रों को इस बेहतरीन अवसर से वंचित करना सही है?
आर्टिकल की मुख्य बातें (Quick Highlights)
- प्रवेश पर रोक: BHU के 55 डिप्लोमा और स्पेशल कोर्सों के दरवाजे अब बाहरी छात्रों के लिए बंद।
- सीटें खाली रहने का डर: पूर्व में जहाँ 70% सीटें बाहरी छात्रों से भरती थीं, अब वहाँ 50-60% सीटें खाली रहने का अनुमान है।
- नया नियम: अब केवल वही छात्र आवेदन कर सकते हैं, जो पहले से BHU के किसी नियमित कोर्स में पढ़ रहे हैं।
- सत्र 2025-26: नए नियमों के साथ प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके तहत सीटों की न्यूनतम और अधिकतम संख्या भी तय कर दी गई है।


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